विद्युत विभाग में आउटसोर्स मीटर रीडरों का विरोध, टीडीएस कंपनी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

गाजीपुर। विद्युत विभाग के अंतर्गत आउटसोर्सिंग पर कार्यरत मीटर रीडरों ने बिलिंग का कार्य करा रही टीडीएस कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चारों विद्युत खंडों में डोर-टू-डोर बिलिंग करने वाले मीटर रीडर और सुपरवाइजर कंपनी पर वेतन में अनियमितता, मनमानी कटौती और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मीटर रीडरों का कहना है कि जब से टीडीएस कंपनी ने गाजीपुर में बिलिंग का ठेका लिया है, तब से उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा। कई बार वेतन तो मिलता है, लेकिन किस आधार पर भुगतान हुआ, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। वेतन स्लिप मांगने पर कार्य से हटाने की धमकी दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में भय और आक्रोश का माहौल है। बिलिंग सुपरवाइजर शशिकांत भारती, प्रेम प्रकाश, जवाहर पटवा, शिवशंकर, रघुवेंद्र और जीशन शमी का आरोप है कि कंपनी लगातार मीटर रीडरों और सुपरवाइजरों की मजदूरी में खुलेआम कटौती कर रही है। हर माह वेतन दो अलग-अलग श्रेणियों में दिया जाता है, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। आरोप है कि इस पूरे मामले में विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिससे प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं में समय से वेतन न मिलना, प्रत्येक माह सैलरी स्लिप न देना, मनमानी कटौती और भुगतान में पारदर्शिता की कमी को गिनाया है। इन्हीं मांगों को लेकर बिलिंग सुपरवाइजरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टीडीएस कंपनी की तत्काल जांच, कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने, नियमित और समयबद्ध वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा मनमानी कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे सर्किल कार्यालय पर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शशिकांत, किशन कांत सिंह, जवाहर कुमार पटवा, रंजीत यादव, शिवशंकर, दुर्गा यादव, मृत्युंजय तिवारी, प्रेम प्रकाश, रघुवेंद्र, जीशन शमी और सुनील यादव शामिल रहे।




