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अब गुंडागर्दी नहीं चलेगी! — पत्रकारों के लिए ढाल बने थानाध्यक्ष

गाजीपुर। भांवरकोल थाना क्षेत्र में पत्रकारों को धमकाने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की खुली चेतावनी देने के दो अलग-अलग मामलों ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां मानवाधिकार मीडिया के पत्रकार अभिषेक राय को घर आकर धमकाया गया, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय सहारा के स्थानीय संवाददाता चंदन पांडेय को सार्वजनिक स्थान पर अपमानित कर जान से मारने की धमकी दी गई। दोनों मामलों में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्रकार अभिषेक राय को जान से मारने की धमकी, परिवार को बनाया निशाना…

भांवरकोल थाना क्षेत्र के मुड़ेरा बुजुर्ग गांव निवासी मानवाधिकार मीडिया के पत्रकार अभिषेक राय की मां कृष्णा राय पत्नी जयशंकर राय ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनके पुत्र द्वारा जनहित, पंचायत, भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों से जुड़ी खबरें प्रकाशित किए जाने से असामाजिक तत्व बौखला गए हैं।

आरोप है कि 31 दिसंबर की रात करीब 11 बजे, गांव का ही गोविंद राय पुत्र शिवजी राय चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ उनके घर पहुंचा और घर के बाहर खड़े होकर भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। अंधेरा होने के कारण अन्य लोगों की पहचान नहीं हो सकी।
इतना ही नहीं, 02 जनवरी को गोविंद राय ने मोबाइल फोन से पत्रकार अभिषेक राय को कॉल कर दोबारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी, जिससे पूरे परिवार में भय और दहशत का माहौल है।

पीड़िता ने अपने, अपने पुत्र एवं पूरे परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने और आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में FIR दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार चंदन पांडेय से सार्वजनिक रूप से बदसलूकी…

दूसरा मामला बांठा गांव का है, जहां दैनिक समाचार पत्र ‘राष्ट्रीय सहारा’ के स्थानीय संवाददाता चंदन पांडेय पुत्र नंदजी पांडेय को खुलेआम धमकाया गया। 3 जनवरी की शाम करीब 6 बजे, जब वे गांव के चौक पर पंकज सिंह की दुकान पर बैठे थे, तभी ग्राम प्रधान का भाई शनि राम पुत्र सुरेश राम वहां पहुंचा और पत्रकार को भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा।

आरोप है कि शनि राम ने कहा “तुम जैसे पत्रकार की क्या औकात है, अभी देख लूंगा,”
और जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया। घटना के समय दुकान पर मौजूद प्रदीप चौरसिया और पंकज सिंह पूरे घटनाक्रम के गवाह हैं।

बताया जा रहा है कि पत्रकार चंदन पांडेय ने कुछ दिन पहले लंबे समय से बंद पड़े ग्राम सचिवालय और शौचालय को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जो प्रधान पक्ष को नागवार गुजरी।

पुलिस कार्रवाई और प्रशासन का रुख…

दोनों मामलों में भांवरकोल पुलिस ने पीड़ित पत्रकारों/परिजनों की तहरीर पर बीएनएस की धारा 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है।

पत्रकार संगठनों में आक्रोश…

इन घटनाओं की जानकारी मिलते ही पत्रकार एसोसिएशन तहसील मुहम्मदाबाद, गाजीपुर की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें दोनों मामलों की कड़ी निंदा की गई। इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए जिलाधिकारी तक मामला ले जाने का निर्णय लिया गया।

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