बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में माता-पिता के बाद शिक्षण संस्थानों का अहम योगदान-ओमप्रकाश

गाजीपुर। सेवराई तहसील क्षेत्र के ग्राम बारा स्थित अग्रणी शिक्षण संस्थान बारा इण्टर कालेज में शनिवार को वार्षिक उत्सव व अभिनन्दन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आमंत्रित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया वही छात्रा नाजिया के
ओजस्वी भाषण ने सभी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद अफजाल अंसारी व विशिष्ठ अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक ओमप्रकाश सिंह को विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम् देकर सम्मानित किया गया तथा अतिथि द्वय ने सेवानिवृत शिक्षक विरेन्द्रनाथ सिंह यादव का सम्मान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि अच्छी शिक्षा एवं संस्कार से ही जीवन को एक नया रुप दिया जा सकता हैं। शिक्षक का दायित्व सिर्फ विद्यालय तक ही सीमित नही होता बल्कि समाज को भी शिक्षित एवं संस्कारित करने के साथ ही युवा पीढ़ी को संस्कारित कर सकारात्मक मार्ग दर्शन करने की महती जिम्मेदारी होती है। वार्षिक कार्यक्रमों से छात्रों में छिपी हुई प्रतिभा को निखरने का मौका मिलता है, यही निखरी प्रतिभा दुनिया में डंका बजाती है।
विशिष्ठ अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में माता-पिता के बाद शिक्षण संस्थानों का अहम योगदान होता है। बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा देना शिक्षक का कर्तव्य होता है, क्योंकि बच्चे ही देश के मजबूत बुनियाद है। इस दायित्व का निर्वहन हमारे विद्वान शिक्षक बखूबी निभा रहे है। शिक्षक कभी सेवानिवृत नहीं होता, वह समाज का दृष्टा व सृष्टा होता है। स्वस्थ समाज का सृजनकर बेहतर राष्ट्र का निर्माण करता है।
प्रधानाचार्य दिनानाथ सिंह ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय का वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया। उक्त मौके पर विधायक प्रतिनिधि मन्नू सिंह, प्रबंधक अलिशेर खां, शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह, सपा विधानसभा अध्यक्ष अनिल यादव, आजाद खां, नसन खां, हेराम सिंह, दुर्गा चौरसिया, हरिशंकर सिंह, कामरान खां, बलीराम पटेल, कलाम खां, मजहर खां, शशिकांत उपाध्याय, अशोक सिंह, बिपुल सिंह, शशिकांत उपाध्याय आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता जुनेद हारिद खां ने किया।
।




