
जमानियां (गाजीपुर)। गौ तस्करी का एक विडियो सोशल मीडिया पर रविवार की सुबह से ही तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पशु तस्कर स्थानीय कोतवाली के एक सिपाही पर 25 हजार रुपये हफ्ता लेने का गम्भीर आरोप लगा रहा है। वायरल विडियों के सत्यता की पोर्टल पुष्टि नहीं करता है।
वायरल विडियों कोतवाली क्षेत्र के फुंफुआव पुल के पास शनिवार की देर रात का बताया जा रहा है। विडियों में ग्रामीणों ने गौवंशों से लदी एक पिकअप वाहन रजिस्ट्रेशन नं० UP 67 AT 3361 को रोका। पिकअप में लदे तीन गौवंश को देख ग्रामीण हैरान रह गये तथा एक तस्कर को भी पकड़ लिया। वायरल वीडियो में पकड़े गए तस्कर ने दावा किया कि वह जमानियां थाना में तैनात सिपाही नीरज अनुरागी को प्रति सप्ताह 25 हजार रुपए देता है तथा वाहन मालिक का नाम गोलू यादव निवासी फुल्ली बताया और यह भी कहा कि वह पिछले पांच दिनों से लगातार यह वाहन चला रहा था। ग्रामीणों की सक्रियता से गौ तस्करी का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हॉलाकि सूचना पर पहुंची पुलिस पिकप वाहन सहित तस्कर को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्यवाई में जुट गई है।
योगी सरकार में भी पशु तस्कर बेखौफ
पशु व शराब तस्करी पर लगाम लगाने में पुलिस पूरी तरह विफल हो गई है। एक ओर जहाँ सरकार जीरो टॉलरेंस नीति की बात कर रही है वही पुलिस सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रही है।
गंधुतालुका क्षेत्र पशु तस्करी का बना सेफ जोन
गंधुतालुका क्षेत्र इन दिनों पशु तस्करी व मादक द्रव्य पदार्थ के तस्करी का सेफ जोन बन गया है। यह क्षेत्र बिहार प्रान्त से सटे होने के कारण सूर्यास्त होते ही अंधेरे में तस्करी का घृणित खेल शुरू हो जाता है। तस्करी रोकने व सुरक्षा के दृष्टिगत शासन ने अभईपुर में पुलिस चौकी की स्थापना की लेकिन इस पुलिस चौकी पर सिपाहियों की तैनाती होने के बाद भी तस्करी का खेल चलना पुलिस पर गम्भीर सवाल उठाते है, वही अभईपुर चौकी प्रभारी के कोतवाली पर व्यस्त रहने व अपने चौकी के प्रति लापरवाही तस्करों की ताकत को बढ़ाते है। ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन रात से भोर तक कई पशुओं से लदे पिकप वाहन बेरोक टोक के फर्राटा भरते है। यह पशु बिहार प्रान्त होते हुए बंगाल चले जाते है। इस कुकृत्य में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।




