DM साहब! सुआपुर में मनरेगा का महाघोटाला: मनरेगा मजदूरो का एक ही फोटो दो मास्टर रोल पर चिपकाया, फर्जी हाजिरी का खेल पकड़ा गया

गाजीपुर
गाजीपुर। करंडा ब्लॉक के सुआपुर ग्राम सभा में मनरेगा में भ्रष्टाचार की नई करतूत बेनकाब हो गई है।
जहां पहले गौशाला के बगल में पोखरी जेसीबी से खुदाई कराकर मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजिरी लग रही थी, वहीं अब खुलासा हुआ है कि मनरेगा मजदूरो का एक ही फोटो दो अलग-अलग मास्टर रोल पर अपलोड कर दिया गया है। हैरानी की बात तो यह है 15 नवंबर की दोपहर 1:05 मिनट पर फ़ोटो खींचा गया था और आनलाईन मास्टरोंल पर अपलोड रात्रि 8: 12 मिनट पर की गई है। मास्टरों नं- 1880 और 1882 पर मनरेगा मजदूरों का एक ही फोटो दो अलग-अलग मास्टरोंलो पर आनलाईन अपलोड किया गया है। लेकिन भ्रष्टाचार यही तक नहीं रूका ग्राम पंचायत सुआपुर में मौनी बाबा धाम से पश्चिम गाटा नं- 159 पोखरी जीर्णोद्धार कार्य में भी मास्टरोंल नं- 1885 और 1886 में भी मजदूरों का एक ही फोटो दो अलग-अलग मास्टरोंलो में लगाकर आनलाईन उपस्थिति दिखाया गया है। यह तरीका साफ दिखाता है कि मनरेगा में फर्जीवाड़ा सुनियोजित और संगठित नेटवर्क के द्वारा किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि मनरेगा मजदूरों का फोटो से फोटो खींचकर यानि फोटो डुप्लिकेशन का यह मामला भुगतान बढ़ाने और मजदूरों की संख्या फर्जी तरीके से दिखाने की बड़ी धोखाधड़ी का हिस्सा है। 11 नवंबर को खबर उजागर होने के बाद भी 12 नवंबर दोपहर तीन बजे 91 मजदूरों की फर्जी ऑनलाइन हाजिरी लगाने का मामला सामने आया था।
अब एक ही फोटो दो मास्टर रोल पर चिपकाए जाने से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचारियों ने मनरेगा को लूट परियोजना बना दिया है। लोगों का गंभीर आरोप है कि यह पूरा खेल बीडीओ करंडा और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से चल रहा है।
इस संबंध में डीसी मनरेगा विजय यादव ने बताया कि मामला गंभीर है फोटो डुप्लिकेशन और फर्जी हाजिरी दोनों गंभीर अपराध हैं। मेरे द्वारा स्वयं सुआपुर का निरीक्षण किया जाएगा पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सुआपुर में मनरेगा का हाईटेक घोटाला, नकली हाजिरी, नकली फोटो, असली लूट।




