

जमानियां(गाजीपुर)। स्थानीय तहसील सहित सेवराई तहसील व चन्दौली जनपद के बरहनी ब्लाक के आंशिक भूभाग को सिंचित कर किसानों को धन-धान्य से समृद्ध करने वाली चक्काबांध स्थित चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल का संचालन बन्द हो जाने से कृषकों की परेशानियां असह्य हो गई है। धान का कटोरा कहा जाने वाला इस क्षेत्र के किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाये हुये है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों की माने तो गंगा का जलस्तर कम होने से पम्प का संचालन बन्द किया गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद ही नहर का संचालन शुरू हो पायेगा। ऐसे में कृषकों के सामने धान की नर्सरी बचाना एक कठिन चुनौती हो गई है तथा किसान भगवान भरोसे हो गये है। नहर का संचालन शनिवार को अचानक बन्द होने से किसान परेशान हो गये तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर नहर चलवाने की मांग करने लगे लेकिन विभाग जलस्तर कम होने की बात कहता रहा तो आक्रोशित क्षेत्रीय किसानों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया को प्रार्थना पत्र देकर नहर चलवाने की मांग की। किसानों ने बताया कि पूरे क्षेत्र नहर से घिरा हुआ है तथा सिंचाई का एक मात्र साधन नहर ही है। धान की नर्सरी डाल दिया गया है। एकाएक नहर बंद हो जाने से नर्सरी को बचाना दुरुह कार्य हो गया है। समय रहते नहर का संचालन नही हुआ तो खेती पिछड़ जायेगी, जिससे उत्पादन कम होगा तथा आय पर भी असर पड़ेगा। किसानों ने चेताया कि बुद्धवार की दोपहर तक नहर का संचालन नहीं होता है तो किसान बरुइन गांव स्थित शिव मंदिर के पास एनएच-24 पर धरने पर बैठने के लिए बाध्य हो जायेगे। इस बाबत एसडीएम ज्योति चौरसिया ने किसानों को आश्वस्त किया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी से वार्ता कर इस विकट समस्या का समाधान शीघ्र निकाला जायेगा।उक्त मौके पर क्षेत्रीय किसान मनोज सिंह, दिलीप सिंह, भरत सिंह, डबलू तिवारी, देवदत्त सिंह,आलोक, रणवीर सिंह, सुधीर सिंह, मोंटी, पिंकू सिंह मौजूद रहे




