
सेवराई (गाजीपुर): तहसील अंतर्गत अमौरा गांव में आज से श्री रामनवमी महोत्सव का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम और धार्मिक उल्लास के साथ किया गया। मां काली रामनवमी समिति के नेतृत्व में आयोजित इस पावन आयोजन की शुरुआत काली मंदिर प्रांगण से विधि-विधान पूर्वक की गई। नव संवत्सर के प्रथम दिन इस महोत्सव का आगाज 51 कन्याओं द्वारा पूजित कलश के साथ जलभरी यात्रा निकालकर किया गया, जिसने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया।
सुबह से ही गांव में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। 51 कन्याएं पीत एवं रक्त वस्त्र धारण कर, सिर पर चुनरी ओढ़े देवी स्वरूप में अत्यंत आकर्षक और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई थीं। उनके हाथों में पूजित कलश लिए जब जलभरी यात्रा निकली तो पूरा वातावरण जय श्रीराम और माता के जयकारों से गूंज उठा।
यह भव्य कलश यात्रा मां काली मंदिर से प्रारंभ होकर गांव के विभिन्न प्रमुख देवालयों—जैसे हनुमान मंदिर, शिवालय,राधा कृष्ण मंदिर, ब्रह्म स्थान आदि—से होते हुए पुनः मां काली मंदिर पर आकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा की गई तथा जल, शरबत एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी।
गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय भजनों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हर वर्ग के लोगों ने इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कलश यात्रा के उपरांत अभिजीत मुहूर्त में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ नवदिवसीय दुर्गासप्तशती पाठ के लिए कलश स्थापना की गई। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक रीति से पूजा-अर्चना कराई गई, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी नौ दिनों तक प्रतिदिन दुर्गासप्तशती पाठ, भजन-कीर्तन,देवी महात्म्य वर्णन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। रामनवमी के दिन विशेष पूजा,कन्या पूजन एवं दुगोला चैता गायन का भी आयोजन प्रस्तावित है।
इस आयोजन के माध्यम से गांव में धार्मिक जागरूकता, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। अमौरा गांव में इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति की अनूठी छटा बिखर गई है।




