पुलिस प्रशासन के दावे खोखले अवैध पटाखा कारोबारियों के हौसले बुलंद

जमानियाँ(गाजीपुर)।दीपावली पर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है तथा सरकार ने पटाखा बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया है। जिले में पटाखा बिक्री के लिए पहले अस्थायी लाइसेंस लेना अनिवार्य हैं। नगर में पटाका ब्रिकी के लिए प्रशासन द्वारा स्थान चिन्हित कर 14 दुकानों को अस्थायी लाइसेंस जारी कर दिया है। जबकि स्टेशन बाजार में पटाखों के अवैध ब्रिकी को लेकर पुलिस व तहसील प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से इस धंधे से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद है। दीपावली व छठ पूजा के मौके पर नगर सहित ग्रमीण क्षेत्रों में जमकर आतिशबाजी होती है। पटाखा कारोबारी फायदे के चक्कर में सिर्फ ज्यादा से ज्यादा कमाई पर ध्यान देते है। पटाखा बिक्रेता खुले आम दुकान लगाकर बेखौफ पटाखा बेच रहे है।
शटर बंद कर होता है पटाखा का कारोबार
पुलिस व प्रशासन के आने सूचना मिलते ही दुकानदार दुकानों का शटर बंद कर देते है तथा शटर के बाहर से ही थोक व खुदरे पटाखों की सूची तैयार कर चोरी से माल उपलब्ध करा देते है। इन दुकानों में अग्निशमन विभाग के दिशा निर्देश का भी पालन नही किया जा रहा है। तहसील प्रशासन ने सभी पटाखे कारोबारी को पहले ही दिशा निर्देश देते हुए अस्थाई लाइसेंस लेने के बाद ही पटाखे का बिक्री करने के निर्देश दे चुका है, लेकिन नगर के स्टेशन बाजार में पटाखे की फुटकर बिक्री नियमों को ताक में रखकर किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग इस पर अब तक कोई कार्रवाई नही की है। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने बताया कि पटाखा कारोबारी अस्थाई लाइसेंस लेने के बाद ही पटाखे की बिक्री कर सकते है। अभी तक 14 दुकानदारों को अस्थाई लाइसेंस जारी किया गया है। सभी पटाखा दुकानों की जांच करवाया जा रहा है। वहीं अवैध पटाखा बिक्री की सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।




