
गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं और प्रभावी मध्यस्थता का उदाहरण पेश किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा के कुशल निर्देशन में आयोजित काउंसलिंग में पति-पत्नी विवाद से जुड़े कुल आठ प्रकरणों की सुनवाई की गई। लंबे समय से आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे एक दंपति को दोनों पक्षों की सहमति से, बिना किसी दबाव के, बैठाकर समझाया गया। संवाद और भरोसे के जरिए गिले-शिकवे दूर हुए और दंपति ने साथ रहने का निर्णय लिया। मध्यस्थता के बाद परिवार की सकुशल विदाई कराई गई, जिससे केंद्र में मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली।
सुनवाई के दौरान तीन प्रकरणों में आपसी सुलह के बाद पत्रावली बंद की गई, जबकि दो प्रकरणों में विधिक सलाह देते हुए निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों में मध्यस्थता संभव न होने पर अगली तिथि निर्धारित की गई।
इस सराहनीय कार्य में काउंसलर कमरूद्दीन, पूजा श्रीवास्तव तथा महिला आरक्षी रागिनी चौबे, संध्या, अभिलाषा की सक्रिय भूमिका रही। महिला सहायता प्रकोष्ठ की यह पहल साबित कर रही है कि संवाद, संवेदना और सही मार्गदर्शन से टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ा जा सकता है।



