
गाज़ीपुर। पुलिस लाइंस परिसर में संचालित परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवाद और समझदारी से टूटते घरों को बचाया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा के कुशल निर्देशन में 22 फरवरी को आयोजित सुनवाई में पति–पत्नी विवाद से जुड़े कुल 31 प्रकरणों पर विस्तार से विचार किया गया।
लंबे समय से आपसी तनाव और मनमुटाव झेल रहे 4 गंभीर पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों को आमने–सामने बैठाकर मध्यस्थता कराई गई। किसी भी प्रकार के दबाव के बिना, आपसी सहमति और समझ से गिले-शिकवे भुलाकर चारों परिवारों की ससम्मान विदाई कराई गई, जिससे परिवारों में खुशी और भरोसे की वापसी हुई।
सुनवाई के दौरान 8 पारिवारिक विवादों में आपसी सहमति बनने के बाद पत्रावली बंद की गई। 5 प्रकरणों में पक्षकारों को विधिक सुझाव देकर पत्रावली समाप्त की गई। शेष प्रकरणों में सहमति न बन पाने पर अगली तिथि तय की गई।
इस सराहनीय पहल में विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन, मनोरमा राय के साथ महिला आरक्षी रागिनी चौबे, अभिलाषा, संध्या, सबिता सिंह, सोनाली तथा महिला होमगार्ड उर्मिला गिरि सहित अन्य कर्मियों की अहम भूमिका रही।



