वायरल वीडियो के सवाल पर कन्नी काटते नजर आए बीईओ,परिजन पर शिक्षक बना रहे दबाव

बच्चे की हुई तबियत खराब, प्रधानाध्यापिका ने पिता से कराई क्लास रूम की सफाई
जमानियाँ (गाजीपुर)।मामला खण्ड शिक्षा क्षेत्र के ग्राम बरुइन खास स्थित प्राथमिक विद्यालय का है, जहां कुछ दिन पूर्व विद्यालय में एक बच्चें का तबियत खराब हो जाने से वह कक्षा में ही उल्टी कर देता है। उस बच्चे को अस्पताल ले लाने के बजाय शिक्षक अभिभावक को फोन करके स्कूल में बुलाते है तथा पिता से गन्दगी साफ कराने के बाद बच्चें को ले जाने की अनुमति प्रदान करते है। जबकि स्कूल में एक महिला झाडू भी लगा रही है। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार की तमाम योजनाओं व निर्देशों का जमीन पर क्या असर हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पिता बाल्टी में पानी लेकर गन्दगी को धोते नजर आ रहे हैं। ग्राम बरुइन निवासी पिता रवि कुमार ने बताया कि मेरा पुत्र
ऋतिक कुमार प्राथमिक विद्यालय बरुइन में कक्षा-2 में पढ़ता है। प्रतिदिन की भॉति शुक्रवार को भी वह समय से स्कूल गया। स्कूल के शिक्षक रामाकांत यादव ने सुबह साढ़े आठ बजे फोन करके बताया कि बच्चे की तबियत खराब है, इसको ले कर जाइये। हम विद्यालय आकर हेडमास्टर मैम रामदुलारी से बोले कि हम बच्चे को घर ले जा रहे है। हेडमास्टर ने कहा कि बच्चा जो गन्दा किया है उसे साफ करके जाईयेगा, तब हम आफिस से बाहर निकले तो वहाँ मौजूद एक महिला जो रसोईया या आया थी वह झाडू लगा रही थी तथा तंज कसते हुए कहा कि यह किसका बच्चा है, जो इतना गंदा किया है। यह बच्चा तो सबका तबियत खराब कर देगा। तब हम बाल्टी लेकर हैण्डपम्प से पानी लेकर क्लास रूम को साफ करके बच्चे को लेकर घर पहुॅचे।इस बाबत और ग्रामीणों से बात करने पर पता चला कि पूर्व में भी इस तरह की घटना हो चुकी है एक बच्चे का किसी अध्यापक ने मारकर सर फोड दिया था मगर कुछ ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला वहीं दबा दिया गया था उसी प्रकरण के बाद यहां के अध्यापकों का मन बढ़ गया है।वही बच्चे के पिता रवि ने बताया कि सोमवार को प्रधानाध्यापक का फोन आया था दबाव बनाने के लिए मगर मैने फोन काट दिया और आज मंगलवार को शैलेश नाम के शिक्षक का फोन आया था समझाने के लिए की आप ऐसा क्यों कर रहे हो
वायरल विडियों के बाबत पूछे जाने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी कन्नी काटते नजर आए उल्टा पत्रकार से ही सवाल कर डाला आप बताइए क्या करना है और मीटिंग का हवाला देकर चलते बने इससे यह स्पष्ट है दाल में कही काला है।अब देखना यह है कि इस मामले में उच्चाधिकारी किस तरह की कार्यवाही करते है,या फिर पूर्व की तरह लीपापोती कर ली जाएगी।




