जमानियाँ (गाजीपुर)। सौरभ साहित्य परिषद बरुईन के तत्वाधान में शुक्रवार को वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह के आवास पर समाज के सजग प्रहरी हीरालाल उपाध्याय के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम दिवंगत हीरालाल उपाध्याय के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह ने उनके व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि बहुत ही दुखद होता है, अपनों का साथ छोड़ देना। हीरालाल उपाध्याय वास्तव में व्यक्ति एवं समाज के हीरा व लाल थे। उपाध्याय जी एक अच्छे साथी, मुखर वक्ता एवं सामाजिक सरोकार के जीवंत प्रतिमान थे। उनका अकस्मात जाना खल गया। किसी भी सामाजिक, साहित्यिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में आप की उपस्थिति सफलता की गारंटी होती थी, आप के संयम और अनुशासनबद्ध संचालन विधा की लोग मुक्तकंठ से सराहन करते थे। आप के बहुआयामी प्रतिभा के लोग कायल थे पर आज मान स्मृति शेष है।राजनीति के क्षेत्र में भी आप की एक अलग पहचान थी, फिर भी आप ने उसका उपयोग स्वार्थ-लाभ में नहीं किया। ऐसे एक अप्रतिम व्यक्तित्व के धनी, मानी, स्वाभिमानी साथी को खोने का हमें अपार दुख है, फिर भी हम नियति के हाथों विवश एक खिलौना मात्र है, वह चाहे खेले या तोड़े। हमारी सिर्फ यही प्रार्थना है कि जमानियां के इस लाल की आत्मा को परमात्मा शान्ति प्रदान करे तथा परिवार को धैर्य और साहस दे। उक्त मौके पर डॉ सुरेश राय, डॉ अखिलेश शर्मा शास्त्री, डॉ मदन गोपाल सिन्हा, डॉ कुन्दन पाण्डेय, छेदी सिंह, उमाशंकर सिंह, मनोज पाण्डेय, प्रमोद यादव,अमरेन्द्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।




