महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल से टूटते रिश्तों को मिला सहारा: मध्यस्थता से 5 परिवारों की सकुशल विदाई

गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए आपसी मतभेद के कारण अलग हुए 5 दंपतियों को मध्यस्थता के माध्यम से पुनः एकजुट किया। गिले-शिकवे भुलाकर राजी-खुशी से दंपतियों की सकुशल विदाई कराई गई, जिससे कई परिवारों में फिर से खुशियों की वापसी हुई। पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा के कुशल निर्देशन में 25 जनवरी को कार्यालय महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी विवाद से संबंधित कुल 23 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से लंबे समय से विवादित चल रहे 5 प्रकरणों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से समझौता कराया गया।
इसके अतिरिक्त 6 प्रकरणों में सफल काउंसलिंग के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि 5 प्रकरणों में विधिक सुझाव देते हुए निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों में सहमति न बन पाने के कारण अगली तिथि निर्धारित की गई।
इन सभी मामलों के सफल निस्तारण में काउंसलर वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, मनोरमा राय, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, संध्या, अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव की भूमिका सराहनीय रही।




