
जमानियाँ (गाजीपुर)। गंगा के जलस्तर में तीव्र वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में दहशत व्याप्त हो गई है। दूसरी बार गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए अभी भी 4 सेटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। कुछ सप्ताह पूर्व ही गंगा के रौद्र रूप झेल चुका क्षेत्र के तटवर्ती गॉव मतसा बाड़, सब्बलपुर बाड़, जीवपुर बाड़, देवरिया बाड़, रघुनाथपुर बांड सहित दर्जनों गांव पुनः गंगा की विभिषिका से भयभीत होने लगा है। तहसील प्रशासन लगातार तटीय क्षेत्रों की निगरानी कर स्थिति पर नजर बनाये हुये है। वही कर्मनाशा के जलस्तर में लगातार कमी से बाढ़ प्रभावित दर्जनों तटवर्ती गॉवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। एकाएक बाढ़ आ जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई थी तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विवश हो गये थे। बाढ़ से अभी भी जनजीवन अस्त व्यस्त है। बाढ़ के कारण भूसा व हरा चारा का संकट आ गया था तथा फसलों के जलमग्न हो जाने के कारण किसानों की परेशानी बढ़ी गई थी। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गॉव गायघाट, देवढ़ी, धुस्का, रोहुणा, धिनपुरा, रायपुर, तियरी, जबुरना, केसरुआ, करमहरी सहित आदि गाँवों के क्षतिग्रस्त फसलों की क्षतिपूर्ति हेतु तहसील प्रशासन आकलन शुरू कर दिया है। तहसीलदार रामनरायण वर्मा ने बताया कि राजस्व कर्मियों संग तटवर्ती इलाकों के बाढ़ ग्रस्त गॉवों के क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे किया जा रहा है। क्षति का सर्वे पूर्ण कर यथाशीघ्र रिपोर्ट शासन को भेजा जायेगा।




