उत्तर प्रदेशगाजीपुरज़मानियामनोरंजनशिक्षा

बरूईन में मस्तिस्क हुआ झंकृत

कवि,साहित्यकार -राजेंद्र सिंह

जमानियां(गाजीपुर)। क्षेत्र के ग्राम बरूइन स्थित साहित्यकार राजेन्द्र सिंह के आवास पर सौरभ साहित्य परिषद बरूइन के तत्वावधान में सोमवार को कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवि गोष्ठी में दूर-दूर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं के मन को खूब गुदगुदाया।
गोष्ठी का शुभारम्भ शिक्षक कपिलदेव सिंह व आमंत्रित अतिथियों ने मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवि कामेश्वर द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के पश्चयात कार्यक्रम का विधिवत शुरुआत हुआ। कवि  गोपाल गौरव ने ‘पैगामें मुहब्बत का मेरे ये सिला दिया, ऑखों को मेरी खून का ऑसू रुला दिया।’ सुनाकर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया वही कवि मदन गोपाल सिन्हा ने ‘जेलर ने एक बार फिर किया नमस्कार और पूछा, अब कब दर्शन देगे सरकार।’ काव्य पाठ कर दर्शकों को आज के परिवेश पर कटाक्ष करते हुए खूब हंसाया। कवि अक्षय पाण्डेय ने ‘एक पल तू गीत जैसा मन बना ले, संग मेरे गुनगुनाले’ अपने गीतों से समां बांध दिया। साहित्कार राजेन्द्र सिंह ने ‘लोग आपस में यहाँ जलने लगे हैं, सॉप अब आस्तिन में पलने लगे है।’ काव्य पाठ कर सम सामयिक समाज का सुन्दर चित्रण किया। संचालन कर रहे कवि मिथिलेश गहमरी ने देश भक्ति से ओत पोत कविता सुनाते हुए कहा कि ‘ये कौमो-मिल्लतों-मज़हब के ठेकेदार क्या जाने मोहब्बत वालों से तुम पूछो हिन्दुस्तान का मतलब’ श्रोताओं में उत्साह का संचार कर दिया।
कवि कामेश्वर द्विवेदी ने ‘अधरों पे अमृत व गरल हृदय में है, हो गया कठिन पहचान पाना आदमी का’ वही कवि हरिशंकर पाण्डेय ने ‘असहाय पिता और बेबस पिता, दिल के हालात खुद जानता है पिता’ सुनाकार समाज को रचनात्मक संदेश दिया। कवि रमेश सिंह ने ‘कवि तलवार की धार है नाव की पतवार है।’ कविता पाठ से खूब तालियां बटोरी। उक्त मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य छेदी सिंह, पूर्व प्रधानाध्यापक रामअवतार सिंह, डॉ सुरेश राय, मनोज पाण्डेय, जितेन्द्र सिंह, प्रधानाध्यापक सन्तोष सिंह पिन्टू, रणविजय सिंह, अमरेन्द्र सिंह, अमरनाथ सिंह झुन्ना, प्रमोद यादव, मुन्ना सिंह, संतोष शर्मा, विकास सिंह, मयूर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page