हादसे में घायल पति ने एंबुलेंस में बैठकर जलती हुई चिता को देखकर पत्नी को दिया अंतिम विदाई

गाज़ीपुर!उधर जल रही थी पत्नी की चिता और इधर पति एंबुलेंस में बैठकर जलती हुई चिता को निहारता रहा। जी हां यह मामला गाजीपुर के शमशान घाट से सामने आया । दरसल 27 नवंबर को पति-पत्नी अस्पताल से स्वास्थ्य जांच करा कर वापस आ रहे थे कि रास्ते में उनके बाइक की टक्कर अनियंत्रित ट्रक से हो गई। जिससे उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पति गंभीर रूप से घायल होकर ट्रामा सेंटर में एडमिट हुआ। लेकिन पत्नी की मौत की जानकारी होते ही उसने पत्नी को अंतिम बार देखने की इच्छा जताई। तब उन्हें एंबुलेंस से शमशान घाट लाया गया और फिर घायल अवस्था में ही पत्नी की चिता को निहारता रहा।
पूरा मामला कोतवाली इलाके के सुखदेवपुर चौराहे का है। जहां पर 27 नवंबर को अरुण पांडे अपनी गर्भवती पत्नी को जिला अस्पताल दिखलाने के लिए ले गया था। और डॉक्टर को दिखाकर और दवा लेकर जब वह अपने घर सुहवल के लिए वापस आ रहे थे तभी उनकी बाइक अनियंत्रित ट्रक के जद में आया और उसकी बाइक वहीं पर पलट गई। जिसके कारण उसकी पत्नी पूनम पांडे पर ट्रक का अगला हिस्सा चढ़ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि पति अरुण पांडे गंभीर रूप से घायल हो गये। और फिर उन्हें मेडिकल कॉलेज गाजीपुर में एडमिट कराया जहां पर डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रामा सेंटर वाराणसी को रेफर कर दिया था।
इधर पत्नी के मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया और जब अरुण पांडे को अपनी पत्नी की मौत का जानकारी हुई तब वह अपनी पत्नी का अंतिम दर्शन करना चाह रहे थे। लेकिन घायल अधिक होने के कारण डॉक्टर उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रहे थे। लेकिन उनके बार-बार कहने पर उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी से एंबुलेंस के माध्यम से गाजीपुर के शमशान घाट पर लाया गया। जहां पर वह एंबुलेंस के अंदर बैठकर अपनी पत्नी की जलती हुई चिता को देख रहे थे।
बता दे कि अरुण और पूनम की एक 8 साल की बेटी आराध्या उर्फ परी भी थी जो पूनम की मौत के बाद उसके सर से मां का साया भी उठ गया और इस वाक्या को सुनने के बाद हर कोई नियति की बात कह रहे थी।
बता दे की अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कालूपुर गंगा घाट पर हुआ जहां पर अरुण अपनी पत्नी के अंतिम दर्शन के लिए वाराणसी से एंबुलेंस से घाट पर पहुंचे थे। और एंबुलेंस में ही अपनी 8 वर्षीय बेटी आराध्या और परी को सीने से लगाकर पत्नी को अंतिम विदाई दिया। और इस लम्हे को देखकर लोग बिलख पड़े थे। वहीं छोटे भाई के हादसे में घायल होने और अस्वस्थ रहने पर उनके बड़े भाई (मृतिका के जेठ) सतीश पांडे ने मृतिका को मुखाग्नि दिया था।



