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पुरानी रंजिश में तड़तड़ाई गोली, चाचा भतीजा गंभीर

गाजीपुर । खानपुर थाना क्षेत्र के कूढ़ालंबी गांव निवासी त्रिवेणी सिंह (55) पुत्र स्वर्गीय लक्ष्मी सिंह अपने भतीजे विश्वजीत सिंह उर्फ राजन (30) पुत्र बृजभूषण सिंह सोमवार को गांव की चट्टी पर स्थित एक नाई की दुकान में बाल कटवा रहे थे। इस दौरान दूकान के बाहर लगभग चार लोग इकट्ठा होकर दोनों पर नजर बनाए हुए थे। जिन्हें देखकर त्रिवेणी और विश्वजीत को कुछ आशंका हुई। जिसके बाद वह दुकान से बाहर निकल कर घर जाने लगे। तभी वहां इकट्ठा युवकों ने उन पर पिस्टल से फायर करना शुरू कर दिया। पिस्टल से निकली एक गोली त्रिवेणी सिंह के हाथ में लगी और तीन गोली विश्वजीत को लगी। जिसमें एक गोली उसके कंधे को छूते हुए निकल गई और एक गोली उसके बाएं पीठ में घुसकर सामने से बाहर निकल गई। तीसरी गोली विश्वजीत के बाएं कंधे पर लगी। गोली की आवाज से घटनास्थल की तरफ दौड़े ग्रामीणों को देख हमलावर मौके से भाग गए। खतरे से बाहर त्रिवेणी सिंह का इलाज खानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया। जबकि गंभीर रूप से घायल विश्वजीत उर्फ राजन को सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां गंभीर अवस्था में विश्वजीत का इलाज जारी है।घटना को पुरानी रंजीत से जोड़कर देखा जा रहा है।जिसमें आज से लगभग 11 वर्ष पूर्व गांव में क्रिकेट मैच के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई। इस मारपीट में गांव निवासी मनीष यादव पुत्र भरत यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसकी वाराणसी में इलाज के दौरान कुछ दिनों बाद मौत हो गई। आरोप है कि मनीष की मौत का बदला लेने के लिए उसके भाई अविनाश उर्फ गोलू ने ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर त्रिवेणी और विश्वजीत पर जानलेवा हमला किया है।गोली लगने से घायल त्रिवेणी सिंह फिलहाल घर पर रहकर खेती-बाड़ी का काम करते हैं। जबकि विश्वजीत उर्फ राजन सिंह नोएडा में प्राइवेट जॉब करता है। जो 10 दिन की छुट्टी पर घर आया था।पुलिस क्षेत्राधिकार अनिल कुमार ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है।जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोतवाल योगेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद थे

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