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गाजीपुर के तीरंदाजों ने मुजफ्फरनगर में लहराया परचम

जमानिया। उत्तर प्रदेश जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में गाजीपुर के युवा तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी धमाकेदार मौजूदगी दर्ज कराई। मुजफ्फरनगर के सोरम में 4 से 6 दिसंबर तक आयोजित जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में जिले ने कुल 12 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया। इनमें 2 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल रहे।

इस प्रतियोगिता में गाजीपुर के खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन का ही नतीजा रहा कि जिले के चार प्रतिभाशाली खिलाड़ी – रणविजय यादव, भावना सिंह, खुशी श्रीवास्तव और रोहित कुमार – का चयन आगामी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में किया गया है। साथ ही टीम का नेतृत्व करने के लिए कोच संदीप सिंह का चयन होना जिले के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। वह 22 से 30 दिसंबर तक रायपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में यूपी टीम को कोच के रूप में मार्गदर्शन देंगे। प्रतियोगिता में पदकों की झड़ी लगाते हुए गाजीपुर के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रिकर्व मिक्स टीम में शैलेंद्र कुमार और भावना सिंह की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम प्रदेशभर में रोशन किया। इंडियन राउंड में रणविजय यादव ने रजत पदक हासिल किया, जबकि अंजली कुमारी ने 40 मीटर स्पर्धा में कांस्य जीता। इंडियन राउंड टीम में रणविजय यादव, कुनाल सिंह, अनमोल यादव और विजय यादव की टीम ने रजत पदक अपने नाम किया। इसी वर्ग की मिक्स टीम स्पर्धा में रणविजय यादव और अंजली कुमारी ने भी रजत हासिल किया। रिकर्व बालक वर्ग में रोहित कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय चयन सुनिश्चित किया। बालिका वर्ग में भावना सिंह ने दूसरा स्थान पाया, जबकि खुशी श्रीवास्तव चौथे स्थान पर रहीं और दोनों का राष्ट्रीय टीम में चयन हुआ। रिकर्व टीम इवेंट में शैलेंद्र कुमार, अमन सिंह यादव, आशीष तिवारी और विश्वजीत यादव की टीम ने रजत पदक जीता। व्यक्तिगत रिकर्व बालिका वर्ग में खुशी श्रीवास्तव ने रजत और भावना सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया। कंपाउंड बालक वर्ग में विशाल यादव ने व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता। गाजीपुर जिला तीरंदाजी संघ के सचिव नंदू दुबे और मुख्य कोच सतीश दुबे ने खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और कोचों के मार्गदर्शन का यह प्रतिफल है, जिसने जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि गाजीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत बस उचित मंच और प्रोत्साहन की है। गाजीपुर द्वारा जीते गए 12 पदकों ने यह साबित कर दिया कि जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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