सुनियोजित तरीके से लड़की का अपहरण: चर्चित ग्राम प्रधान पति समेत तीन पर एफआईआर दर्ज, तालाश में जुटी पुलिस

अपहरण कांड में चर्चित ग्राम प्रधान पति पर खुलेआम धमकी समेत अपराध का मुख्य सूत्रधार और संरक्षक जैसे लगे गंभीर आरोप
गाजीपुर। थाना करंडा क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती के सुनियोजित अपहरण के प्रकरण में प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता और खुला संरक्षण उजागर हुआ है। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी एक पीड़िता ने करंडा थाना में तहरीर देते हुए बताई कि बीते 13 फरवरी को करीब बारह बजे उसकी लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों द्वारा लगातार खोजबीन के बाद विश्वसनीय सूत्रों एवं चश्मदीदों से यह जानकारी सामने आई कि थाना क्षेत्र के खुलासपुर निवासी प्रिंस यादव पुत्र आशुतोष यादव ने किसी चीज का झांसा देकर और बहला-फुसलाकर उसे बेचने हेतु किसी अज्ञात स्थान पर ले गया है। आरोप है कि लड़की अपने साथ में घर से बीस हजार रुपए नकद तथा सोने की अंगूठी, मंगलसूत्र, मांगटीका, चांदी की पायल व अन्य आभूषण ले गई है जो वर्तमान में मुख्य आरोपी प्रिंस यादव के कब्जे में है। जब पीड़िता प्रिंस यादव के घर पूछने गई तो वहां उपस्थित (ओमप्रकाश सोनकर पुत्र नंदू निवासी ग्राम सुआपुर पोस्ट चोचकपुर जो अपने आप को ग्राम प्रधान बताता है),ने सार्वजनिक रूप से ललकारते हुए कहा कि जो उखाड़ना है उखाड़ लो, हमने ही तुम्हारी लड़की को भगाया है। यह कथन स्पष्ट करता है कि उक्त व्यक्ति इस अपराध का मुख्य सूत्रधार और संरक्षक हैं। पीड़िता ने प्रिंस के पिता आशुतोष यादव से अपनी पुत्री की मांग की तो उन्होंने पीड़िता को भद्दी – भद्दी गालियां दी और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल तहरीर के आधार पर पुलिस प्रिंस यादव, आशुतोष यादव एवं ओमप्रकाश सोनकर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर तालाश में जुट गई है।
क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रभावशाली पद का दुरुपयोग कर अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है? अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।


