
जमानियां (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के ग्राम हेतिमपुर के एक साधारण परिवार के बेटे रंजीत शर्मा ने अपनी दिव्यांगता को मात देकर इतिहास रच दिया है। डिफरेंटली एबल फेडरेशन फॉर क्रिकेट द्वारा श्रीलंका में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग टी-20 मुकाबले के लिए रंजीत का चयन भारतीय टीम में बतौर ऑलराउंडर किया गया है। पूरे गाजीपुर जिले से चयनित होने वाले वह इकलौते खिलाड़ी हैं, जिससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
रंजीत शर्मा पुत्र शर्मा लाल शर्मा के लिए अंतरराष्ट्रीय जर्सी तक का यह सफर कांटों भरा रहा है। पिछले 18 वर्षों से क्रिकेट के मैदान पर पसीना बहा रहे रंजीत ने कई असफलताओं के बावजूद अपना हौसला नहीं खोया। 45 प्रतिशत दिव्यांग होने के बाद भी उन्होंने बैटिंग और बॉलिंग दोनों विधाओं में खुद को निखारा। रंजीत के पिता जमानियां कस्बे में एक छोटी सी हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। पारिवारिक आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण रंजीत पिता के काम में हाथ बंटाने के साथ-साथ अपने खेल के जुनून को भी जिंदा रखे रहे। भारत और श्रीलंका के बीच यह महत्वपूर्ण श्रृंखला 3 से 5 अप्रैल 2026 तक श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित स्काई स्पोर्ट्स ग्राउंड में खेली जाएगी। रंजीत ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच मेहनत जारी रखी और आज देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। मेरा लक्ष्य कोलंबो में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर तिरंगे का मान बढ़ाना और देश को जीत दिलाना है। रंजीत के चयन की खबर मिलते ही हेतिमपुर गांव और जमानियां कस्बे में उत्सव जैसा माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रंजीत की सफलता यह साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक अक्षमता और आर्थिक तंगी कभी बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह गौरवपूर्ण उपलब्धि गाजीपुर के अन्य उभरते खिलाड़ियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है। सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, रंजीत को शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।



