
गाज़ीपुर। करंडा ब्लॉक में विकास कार्यों की आड़ में खुला भ्रष्टाचार का खेल अब सुर्खियों में है। वार्ड नंबर 32 के क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविंद कुमार प्रजापति ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को शपथपत्र के साथ एक शिकायती पत्र सौंपकर करंडा क्षेत्र पंचायत के अंदर फैले घोटालों की पोल खोल दी है।
शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि क्षेत्र पंचायत करंडा द्वारा कराए गए कई निर्माण कार्यों में घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है —
ग्राम पंचायत भवानीपुर उर्फ तिवारीपुर:
राजेश के घर से जय नारायण के घर तक बने इंटरलॉकिंग रास्ते में घटिया सामग्री का प्रयोग कर मानक नियमों की धज्जियाँ उड़ाई गईं। ₹9.98 लाख की लागत वाला यह कार्य पूरी तरह संदिग्ध बताया गया है।
क्षेत्र पंचायत कार्यालय करंडा:
सभागार, बीडीओ कक्ष, मनरेगा व कंप्यूटर रूम में पुराने एसी लगाकर फर्जी भुगतान का खेल खेला गया। मरम्मत के नाम पर ₹16.5 लाख का बंदरबांट कर दिया गया।
ग्राम पंचायत परमेठ बिंदुपुरवा:
बुझारत के घर से सुभाष विश्वकर्मा के घर तक बनाई गई नाली में कम मोटाई वाले पाइप लगाए गए और गिट्टी व ईंट के टुकड़ों से जुड़ाई कर मानकों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गईं। लागत ₹6.65 लाख।
इन तीनों कार्यों को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य ने डीएम से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर जनता के पैसे का भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है।
अब देखना यह होगा कि जिले के डीएम इस गंभीर प्रकरण में कब तक कार्रवाई करते है, क्या करंडा के भ्रष्टाचारियों पर गिरेगी गाज़ या फिर फाइलें फिर धूल फांकेंगी?




