राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ डीएम ने की बैठक

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिकारी,समस्त उपजिलाधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ मतदेय स्थलों के संभाजन एवं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में बैठक जिलाधिकारी कक्ष में संपन्न हुई। बैठक के दौरान 28 अक्टूबर 2025 के निर्देशानुसार मतदेय स्थान का सम्भाजन आयकतम 1200 मतदाताओं के आधार पर कराए जाने का निर्देश दिया गया है। बैठक में राजन प्रजापति, कार्यालय मंत्री, भारतीय जनता पार्टी, रविकान्त राय, सदस्य उ०प्र० कांग्रेस कमेटी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस,सुभाष राम सिपाही, जिला सचिव, बहुजन समाज पार्टी, राजेश यादव, जिला सचिव, समाजवादी पार्टी, आदित्य कुशवाहा, जिला महासचिव, बहुजन समाज पार्टी, गाजीपुर, जावेद अहमद आम आदमी पार्टी, गाजीपुर, नागेन्द्र शर्मा आम आदमी पार्टी गाजीपुर उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आयोग के निर्देशों से सभी उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण को अवगत कराया गया एवं उन्हें आयोग से प्राप्त निर्देशों की प्रति भी उपलब्ध कराई गई। भौतिक सत्यापन दिनांक (29.10.2025 से 04.11.2025) के बारे में समस्त राजनैतिक दलों को अवगत कराया गया। मतदेय स्थलों का सम्भाजन, मतदेय स्थल भवन व उससे सम्बद्ध किए जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया जाएगा। अर्थात् भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी देखा जाएगा कि उस मतेदय स्थल में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आस-पास भौतिक रूप से होना चाहिए। मतदेय स्थलों का निर्धारण करने के पश्चात् मतदेय स्थलों की एक नई सूची तैयार की जाएगी, जिसका आलेख्य प्रकाशन दिनांक 10.11.2025 को किया जाएगा, जिसकी प्रति समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जाए। तत्पश्चात् मतदेय स्थलों की इस आलेख्य सूची पर राजनैतिक दलों, विधायकों, सांसदों की एक बैठक आयोजित कर आलेख्य सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। मतदेय स्थलों को रनिंग नम्बर दिए जाएगे, कोई भी सहायक मतदेय स्थल नहीं बनाया जाएगा। सम्भाजन की कार्यवाही के दौरान राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी प्रत्यावेदनों की सूची तैयार की जाए तथा यह भी उल्लेख किया जाए कि प्रस्ताव स्वीकृत किया गया या नहीं। दोनों दशा में स्वमुखरित आदेश के द्वारा प्राप्त प्रत्यावेदनों का निस्तारण सुनिश्चित कराए जाने की अपेक्षा की गयी है, ऐसे निर्णय की प्रति राजनैतिक दलों को भी उपलब्ध करायी जाए। यदि राजनैतिक दलों के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाते हैं तो रिपोर्ट में इनके स्वीकृत न किए जाने के कारणों का उल्लेख भी करना होगा।
उन्होने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जहां नई आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षों में बनी है और उसमें नागरिक निवास करने लगे है तो वहां पर यथा आवश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाए। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो तो प्रस्ताव में उस मतदेय स्थल को बनाए रखे जाने के संबंध में स्पष्ट कारण का उल्लेख किया जाए। अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अंतर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित किया जाए। ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाय, जो मुख्य गांव या बस्ती से पर्याप्त दूरी पर है, उन मतदेय स्थलों को वहां से हटाकर मतदान क्षेत्र के अंतर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाए। पोलिंग स्टेशन की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे मतदेय स्थल उपयुक्त भवन न उपलब्ध होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब मतदान क्षेत्र के अंतर्गत उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है तो ऐसे मतदेय स्थलों को मतदान क्षेत्र के अंतर्गत स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। सभी मतदेय स्थल यथा सम्भव भूतल पर होना चाहिए। दिव्यांगजनों एवं अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने की अपेक्षा की गयी है। किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन कार्यालय से 200 मीटर के अंदर कोई भी मतदेय स्थल न बनाया जाए। यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो गये हो तो उस मतदेय स्थल को शासकीय भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। मतदेय स्थलों के संबंध में राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी शिकायतों तथा सुझावों की सम्यक रूप से जांच की जाए तथा उन्हें उपर्युक्त उत्तर देते हुए उनका निपटान किया जाए। मतदेय स्थल को बनाते समय ए०एम०एफ० सम्बन्धी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाय।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को आलेख्य सूची 10.11.2025 तक उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उक्त आलेख्य सूची के संबंध में प्राप्त प्रत्यावेदनों पर विचार-विमर्श कर अंतिम रूप दिया जा सके। उपस्थित प्रतिनिधियों से यह भी अपेक्षा की गयी कि वे अपने-अपने दलों के बी०एल०ए० नियुक्त कर शीघ्र जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। उपस्थिति कतिपय पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि बी०एल०ओ० के फार्म भरने एवं सूची तैयार करने में समय लग रहा है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा कहा गया कि जैसे-जैसे बी०एल०एल० की नियुक्ति हो जाए। सूची उपलब्ध जल्द ही करा दिया जाएगा।



