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भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण -प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में डी. लिट्. उपाधि हेतु पूर्व शोध प्रबन्ध मौखिकी सम्पन्न हुई, जिसमें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के  निदेशक उपस्थित रहे।  डी.लिट्. (D.Litt.) के शोधार्थी प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने अपने शोध शीर्षक “भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि *भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है*, भारत की आंतरिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन जैसे अनेक आयामों से जुड़ी हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभेद्य सुरक्षा प्रयास निरंतर जारी है।प्रो० पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर समय-समय पर व्यापक चर्चा होती रही है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में यह संगठन अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से सामाजिक सेवा, आपदा राहत, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास तथा नागरिक जागरूकता जैसे कार्यों में योगदान देता है। प्राकृतिक आपदाओं, महामारी तथा अन्य संकटों के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी को सामाजिक सहयोग और सामुदायिक क्षमता निर्माण का उदाहरण माना जाता है। अनुशासन, संगठन क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का प्रसार भी इसके सकारात्मक पक्षों में गिना जाता है। दूसरी ओर, संघ की भूमिका को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक विमर्श में विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और शोधकर्ता पूर्वाग्रह के आधार पर यह तर्क देते हैं कि संघ की विचारधारा और गतिविधियों के कुछ पहलुओं का सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किंतु शोध में यह तर्क असत्य पाया गया।  संघ  भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का मूल्यांकन संतुलित, तथ्यपरक और शोध-आधारित दृष्टिकोण से किया गया है। प्रोफेसर पाण्डेय द्वारा इस विषय पर विभिन्न विचारों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण व्यापक एवं विश्वसनीय स्तर पर किया है।  प्रस्तुतिकरण के पश्चात विषय से सम्बन्धीय बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका प्रोफे. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अत्यंत सारगर्भित और तर्कपूर्ण उत्तर दिया। विभागीय समिति द्वारा मौखिकी को शोध प्रबंध को उत्कृष्ट माना और शोध प्रबंध को विश्विद्यालय में जमा करने की  संस्तुति प्रदान किया । *इस अवसर पर प्रोफेसर पाण्डेय ने माननीय कुलपति *प्रो० आनन्द कुमार त्यागी से शिष्टाचार भेंट की*। उक्त अवसर पर कुलपति जी ने कहा कि  *अपनी स्थापना काल से ही आर एस एस भारत की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है* *इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की* *आवश्यकता है।*
इस अवसर पर  शोध के शोध-परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ.) के. के. सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी सहित समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वन्दना सिन्हा, प्रोफेसर बंशीधर पाण्डेय, प्रोफेसर भावना वर्मा, प्रोफेसर चन्द्रशेखर सिंह, प्रोफेसर निमिषा गुप्ता, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० सतीश कुमार, डॉ० अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। संचालन परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ०) के० के० सिंह एवं धन्यवाद विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना सिन्हा व्यक्त किया।

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