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अपने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाएः जिला जज

गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें पीठाधिपति एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानीनन्दन यति जी महाराज की रामहित यात्रा शनिवार को मनिहारी में समाप्त हुई। बीते नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह से चल रही इस धार्मिक यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर ने गाजीपुर के साथ ही आजमगढ़ और बलिया जिले के अनेक गांवों में रात्रि प्रवास करते हुए पूजन-प्रवचन और गुरु दीक्षा के माध्यम से शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देने का काम किया।
रामहित यात्रा के समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश  धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि अपने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सा की जरूरत होती है वह चिकित्सक के पास जाता है और कानूनी सलाह की जरूरत पड़ने पर लोग एडवोकेट के यहां जाते हैं। ठीक वैसे ही अध्यात्म की जरूरत को पूरा करने के लिए व्यक्ति को संत महात्मा की शरण में जाना पड़ता है, जहां व्यक्ति को सद्मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। अगले क्रम में महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति ने कहा कि आज लोगों का जीवन काफी व्यस्तम हो गया है, लेकिन इसमें कुछ समय निकालकर भगवान की पूजा आराधना करना अत्यंत ही श्रेयस्कर है। धरा धाम पर आने के बाद इंसान भगवान को भूल चुका है जो सर्वथा अनुचित है। मानव जीवन में पूजन-अर्चन का काफी महत्व है। ईश्वर वंदना से व्यक्ति के मन का शुद्धिकरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मानव जीवन की सार्थकता सिद्ध करते हुए भगवत भजन जैसा उत्तम कार्य करें। उन्होंने संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होने की बात कहते हुए बताया कि मनुष्य के अंदर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना होना जरूरी है। जिलाजज ने पीठाधिपति के साथ पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। श्रीराम कृपा मानव सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष रामकथा वाचिका आराधना सिंह ने भजन प्रस्तुत किया।
समापन कार्यक्रम में देवरहा बाबा (बिरनो), डा, सीपी सिंह, डा. एके राय, सर्वानंद सिंह झुन्ना, आलोक सिंह, अनिल कुमार सिंह, कल्लू सिंह, शोभनाथ सिंह, बबुआ सिंह, राजकुमार सिंह, चंद्रशेखर सिंह, सुधांशु सिंह, बृजेन्द्र सिंह, डा. दिनेश सिंह, नंदकिशोर सिंह, पिंटू सिंह सहित सैकड़ों नर नारी उपस्थित रहे। इस दौरान करीब पचास से अधिक दम्पत्तियों ने महाराजश्री से गुरु दीक्षा प्राप्त कर शिष्यत्व ग्रहण किया।

इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी आने की स्वीकृति दी थी, परन्तु कतिपय कारणों से वह स्वयं नहीं पहुंच सके। अधिकारिद्वय ने जनसमुदाय को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित किया।

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