मनरेगा घोटाले में डीसी पर लीपापोती के आरोप, पत्रकार से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल, जांच पर उठे बड़े सवाल

गाजीपुर। करंडा विकास खंड के सुआपुर ग्राम सभा में मनरेगा योजना में कथित बड़े घोटाले को लेकर अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। डीसी मनरेगा और एक पत्रकार के बीच हुई बातचीत की कथित कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि सुआपुर ग्राम सभा में मनरेगा कार्यों के नाम पर एक ही मजदूरों की तस्वीर कई अलग-अलग मस्टर रोल में लगाकर लाखों रुपये का भुगतान कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। इस मामले की शिकायत करने वाले पत्रकार अमित उपाध्याय ने डीसी मनरेगा विजय यादव पर जांच में लीपापोती करने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता पत्रकार अमित उपाध्याय का कहना है कि डीसी मनरेगा उन्हें फोन कर ग्राम पंचायत सुआपुर बुला रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा था, इसलिए उन्होंने जांच के लिए बार-बार लिखित सूचना और पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि बीते 19 फरवरी को खंड विकास अधिकारी करंडा कार्यालय से डाक के माध्यम से उन्हें जांच स्थल पर बुलाने के लिए पत्र भेजा गया था। आरोप है कि पुलिस सुरक्षा की मांग के बावजूद जांच को टाल दिया गया और बाद में बिना शिकायतकर्ता की मौजूदगी के ही एकतरफा जांच कर ग्राम प्रधान, बीडीओ और तकनीकी सहायक समेत कई अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने साफ कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह इस पूरे प्रकरण को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लोकायुक्त और उच्च न्यायालय तक ले जाएंगे।
वहीं इस संबंध में डीसी मनरेगा का पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उधर कथित ऑडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग मनरेगा की जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक भूमिका को लेकर तीखे सवाल उठा रहे हैं।


