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सपा डेलिगेशन पर ग्रामीणों का विरोध, पथराव से सुलगा गांव

बाइट -डॉ राकेश कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक नगर) गाज़ीपुर

गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में सियासत उस वक्त भड़क उठी जब समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। करीब दो सौ समर्थकों के साथ पहुंचे डेलिगेशन को गांव की महिलाओं ने ही मोर्चा संभालकर घेर लिया। “गंदी राजनीति बंद करो”, “वापस जाओ” और “कटरिया की धरती पर नफरत की खेती नहीं चलेगी” जैसे तीखे नारों के साथ ग्रामीणों ने सपा के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि भीड़ नहीं, सिर्फ 15 लोग ही गांव में प्रवेश कर सकते हैं। इसी बात को लेकर माहौल गरमा गया और देखते ही देखते विवाद हिंसक हो उठा और  जमकर पथराव हुआ, जिससे गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
हालात बिगड़ते देख क्षेत्राधिकारी नगर शेखर सेंगर ने कमान संभाली, लेकिन तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता गया। इसी बीच एसओ करंडा संतोष कुमार पाठक और शहर कोतवाल महेंद्र सिंह का सर फट गया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाल लिया। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। गौरतलब है कि यह पूरा विवाद 15 अप्रैल को 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा के शव बरामद होने के बाद से शुरू हुआ। किशोरी का शव जमानिया धरम्मरपुर पुल के पास नदी में मिला था। मृतका के पिता ने हत्या का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
किशोरी की मौत से उपजा गुस्सा अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सियासी दखल ने आग में घी डालने का काम कर दिया। कटरिया गांव इस वक्त सियासत और संवेदनशीलता के बीच झूलता नजर आ रहा है, जहां हर कदम पर हालात बिगड़ने का खतरा बना हुआ।

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