जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के लोटवां गांव में एक दंपति पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।तहरीर के अनुसार विवाद दरवाजे पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) रखे जाने का विरोध करने पर पांच महिलाओं ने मिलकर किसान और उसकी पत्नी को बुरी तरह पीटकर लहूलुहान कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे बेटे और ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। ग्राम लोटवां निवासी पीड़ित शिवशंकर यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रविवार को दोपहर करीब 3:30 बजे वह उपजिलाधिकारी के आदेश के क्रम में नायब तहसीलदार, राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ अपना खेत कटवाने के लिए मौके पर गए हुए थे। इस दौरान उनकी पत्नी घर पर अकेली थीं। तभी पत्नी ने देखा कि उनके घर के दरवाजे पर किसी ने केरोसिन का तेल रख दिया है। किसी अनहोनी की आशंका से घबराई पत्नी ने तुरंत शिवशंकर को फोन पर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही शिवशंकर आनन-फानन में अपने घर पहुंचे और देखा कि वाकई दरवाजे पर केरोसिन रखा हुआ है। पीड़ित के अनुसार, वह जैसे ही केरोसिन देखकर घर से बाहर आ रहे थे, तभी गांव की ही पांच महिलाओं— सोनी देवी, सुमन देवी, रंजु देवी, संजु देवी और सीखा देवी ने उन्हें और उनकी पत्नी को घेर लिया। आरोप है कि इन महिलाओं ने लाठी, डंडे और ईंट से दंपति पर ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहा कि आज इन्हें जान से मार दो, बचने मत दो।इस अचानक हुए जानलेवा हमले में शिवशंकर और उनकी पत्नी बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दंपति की चीख-पुकार सुनकर उनका बेटा सुजित यादव और गांव के तमाम लोग मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। पीड़ित ने बताया कि इस मारपीट और छीना-झपटी के दौरान उनकी पत्नी का मोबाइल फोन भी कहीं गिर कर गायब हो गया। घटना के बाद लहूलुहान हालत में पीड़ित शिवशंकर यादव ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी आपबीती बताई और प्रार्थना पत्र दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राम सजन नागर ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।




