घर में नजरबंद किए गए युवा जिलाध्यक्ष, पार्क में अनशन के बाद धरना समाप्त

जमानिया। फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (अ०भा०क्ष०) के युवा प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित दौरे को लेकर पिछले तीन दिनों से जारी प्रशासनिक तनातनी बुधवार को नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन द्वारा तीन दिन पूर्व घर में नजरबंद किए गए युवा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह आज सुबह सरजू पांडे पार्क में अपने समर्थकों के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए।
पारिवारिक समारोह में भी शामिल होने पर रही रोक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार सिंह को उनके आवास पर ही नजरबंद किया गया था। कार्रवाई की गंभीरता का आलम यह था कि उन्हें उनके परिवार के एक मांगलिक समारोह में भी सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन की इस सख्ती से संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया। प्रशासन का तर्क है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप
नजरबंदी और प्रशासनिक कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए जमानिया प्रभारी अमरनाथ सिंह और अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य केवल घमहापुर गांव जाकर शांतिपूर्ण तरीके से वस्तुस्थिति का जायजा लेना था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में प्रशासन जनता की आवाज दबा रहा है और किसी को उसके घर में कैद करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
घमहापुर दौरे को लेकर इलाके में पिछले कई दिनों से चर्चाएं तेज थीं, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने फूलपुर थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। हालांकि, दोपहर बाद उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपना अनशन और धरना समाप्त किया और वापस अपने आवास लौट गए।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर मुख्य रूप से मंडल महासचिव भूपेंद्र सिंह, जमानिया प्रभारी अमरनाथ सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष विनय सिंह, राकेश सिंह, मनिहारी ब्लॉक प्रभारी सुमित सिंह, भवानी सिंह, सत्यजीत सिंह, पुष्कर सिंह, भोलू सिंह, अभिषेक राय, शिवम सिंह और मार्तंड सिंह सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



