बाढ़ से बचाव हेतु तहसील प्रशासन ने अतिसंवेदनशील/संवेदनशील गाँव में राहत चौपाल का किया आयोजन

जमानिया। मानसून के आगमन के साथ ही तहसील प्रशासन ने बाढ़ की विभीषिका से निपटने और राहत व बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी क्रम में स्थानीय तहसील के बाढ़ प्रभावित अतिसंवेदनशील और संवेदनशील गांवों में पूर्व तैयारी के तहत ‘बाढ़ राहत चौपाल’ का आयोजन किया गया। सोमवार को अपराह्न 3 बजे स्थानीय विकास खंड और रेवतीपुर के अंतर्गत आने वाले धुस्का और बवाड़ा गांव में इस चौपाल का आयोजन किया गया।
चौपाल को संबोधित करते हुए तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने कहा कि इस राहत चौपाल अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसमुदाय और ग्राम प्रधानों को जागरूक करने के साथ-साथ सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि बाढ़ जैसी आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इस अभियान के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य से लेकर सुरक्षा तक के तमाम इंतजामों को दुरुस्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित इस चौपाल में जनसमुदाय की समस्याओं को सुनने और उन्हें जागरूक करने के लिए राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पशुपालन, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की। इस अवसर पर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चौपाल के दौरान मुख्य रूप से लेखपाल विजय कुमार‚ कानूनगो नसीमुल्लाह‚ एएनएम शीला श्रीवास्तव, किरन यादव, प्रियंका गुप्ता, सुनीता देवी, कमलवती, राज कुमार, सरिता देवी, त्रिलोकी, शैलेश कुमार आदि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।




