

गाजीपुर। देश की सबसे बड़ी रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) अब पूरी तरीके से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। भ्रष्टाचार इस योजना में भी सेंधमारी करके पूरी योजना का पलीता निकाल दिया है। इस योजना का मकसद था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को रोजगार मिल सके ताकि वे रोजगार के लिए बाहरी प्रदेशों में ना जाएं, लेकिन मनरेगा के जिम्मेदारों ने ही इस योजना में इस कदर लूट मचाई कि सरकार की पूरी मंशा धराशाई हो गई। जमानियां तहसील क्षेत्र में इस योजना ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये है। विकास खण्ड के ग्राम दरौली में 25 मई रविवार को त्रिनेत्र 24 न्यूज की टीम कार्य स्थल दरौली माइनर में रामानुज के खेत से लुटिया अमरनाथ यादव के खेत तक सिंचाई नाली खुदाई के कार्य पर मौके पर पहुंची तो एक भी मजदूर नहीं थे जबकि मनरेगा की बेवसाइड पर 63 मजदूरों की उपस्थिति को दिखाया गया है। ऐसे में खण्ड विकास कार्यालय में मौजूद अधिकारी मजदूरों का पेट काटकर अपना जेब भरने का धिनौना कार्य कर रहे है। वही मनरेगा योजना जेई व बीडीओ के लिए लूट का जरिया बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं की जा रही है। जई देवराज से सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।




