
सैयदराजा गाज़ीपुर एनएच पर धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य एवं वाहनों के गुजरते समय उड़ती धूल जहां राहगीरों व आसपास के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है वही राहगीर व ग्रामीणों को रोगी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है वहीं धूल से सड़क के किनारे खेतों व पेड़ पौधों का भी बुरा हाल है उनकी ग्रोथ पर विराम लग गया है। इससे किसानों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इन दिनों सैयदराजा से गाज़ीपुर के बीच सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों की लापरवाही एवं बीच में खराब गुणवत्ता के चलते निर्माण कार्य की गति धीमी बनी हुई है, जिसके चलते एन एच पर वाहनों की रफ्तार कई जगहों पर गड्ढे आदि होने के कारण 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त मात्रा में टैंकरों से पानी का छिड़काव न होने के से पूरे दिन सड़क पर धूल ही धूल नजर आती है। जिससे रोड से गुजर रहे राहगीरों तथा आसपास गांव के ग्रामीणों का बुरा हाल है। साथ ही सड़क के सहारे खेतों एवं पेड़ पौधों पर बुरा असर पड़ रहा है।
चन्दौली जनपद के तलाशपुर मोड़ से लगायत बरुइन मोड़ तक खराब पड़ी सड़क पर बेतहाशा उड़ रहे धूल से लोग रोगी बन रहे हैं, वहीं पेड़ पौधों का भी विकास रुक गया है। इसको लेकर ग्राम बरूईन व बरूईन बाजार के लोगो का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो क्षेत्र के लोगो को सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
सड़क निर्माण के दौरान उड़ रही धूल से लोगों की आंखों में संक्रमण हो रहा है वही धूल के कण मनुष्य के नाक व मुंह द्वारा अंदर जा रहे है। जिससे फेफड़ों में परेशानी हो सकती है।
क्या कहते है डॉक्टर –
डॉ रुद्रकांत सिंह प्रभारी चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियाँ ने बताया सड़क पर धूल उड़ने से स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों को खतरा है। जिस कारण सांस संबंधी बीमारियां, एलर्जी और त्वचा एवं आंखों में जलन हो सकता है। यह यातायात के लिए खतरा भी पैदा करता है, क्योंकि कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।




