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मैरिज हालों में देर रात डीजे का शोर , प्रदूषण नियंत्रण की मांग

गाजीपुर। विवाह स्थलों पर रात 10 बजे के बाद भी अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की समस्या गंभीर रूप ले रही है। स्थानीय निवासी उमेश कुमार श्रीवास्तव, ग्राम मानिकपुर कला, पोस्ट करंडा ने पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है और तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।श्रीवास्तव ने पत्र में बताया कि ज्यादातर मैरिज हॉलों में रात 10 बजे के बाद भी 60-70 डेसिबल से ऊपर ध्वनि प्रदूषण होता रहता है, जो “Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000” का सीधा उल्लंघन है। इन नियमों के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि अनुमत नहीं है। लगातार तेज संगीत से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे हृदय रोग, मानसिक तनाव, नींद की कमी और बच्चों-बुजुर्गों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।पत्र में वैज्ञानिक तथ्यों का भी उल्लेख किया गया है। रात के समय तेज ध्वनि से पक्षी, पशु और सूक्ष्म जीवों का प्राकृतिक व्यवहार बिगड़ता है, पौधों की वृद्धि प्रभावित होती है तथा पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ने का खतरा पैदा होता है।शिकायतकर्ता ने प्रशासन से 6 सूत्रीय मांग रखी है, जिसमें सभी मैरिज हॉलों का सर्वेक्षण, लाइसेंस जांच, रात 10 बजे के बाद डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, अतिरिक्त ध्वनि पर तुरंत जुर्माना, पुलिस-प्रशासन द्वारा निगरानी और शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन विकसित करने की मांग शामिल है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्वास्थ्य, सामाजिक सौहार्द और पर्यावरण पर दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है। पर्यावरण प्रेमियों और स्वास्थ्य जागरूक नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की अपील की है।

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