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कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व टीम बैकफुट पर:  मीडिया से बचते दिखे नायब तहसीलदार

वायरल वीडियो

विश्रामपुर में जमीन विवाद गरमाया, आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस-राजस्व टीम लौटी वापस



गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के सबुआ (विश्रामपुर) गांव में जमीन विवाद उस समय और गरमा गया जब कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व विभाग और पुलिस की टीम को विरोध के बीच फौरन वापस लौटना पड़ा। पूरे घटनाक्रम के बाद नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव का मीडिया को बयान देने से इंकार करना भी चर्चा का विषय बन गया है।
मामला पारसनाथ यादव बनाम विजयी यादव के बीच चल रहे पुराने राजस्व विवाद से जुड़ा है। राजस्व विभाग के अनुसार धारा 116 के तहत यह मुकदमा एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन था, जिसमें वर्ष 2016 में पारसनाथ यादव के पक्ष में डिग्री हो गई थी। बाद में विजयी यादव की मृत्यु के बाद मामला उनकी पत्नी सुशीला देवी के नाम से चलता रहा और कमिश्नरी वाराणसी तक पहुंचा।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले राजस्व विभाग ने पारसनाथ यादव को कब्जा दिलाया था। इसके बाद पारसनाथ पक्ष ने आरोप लगाया कि सुशीला देवी और उनके परिजनों ने निर्माण कराई गई दीवार गिरा दी, जिसके संबंध में करंडा थाने में एफआईआर भी दर्ज है।
वहीं दूसरी ओर सुशीला देवी और उनकी पुत्रियों का आरोप है कि उनकी कास्तकारी भूमि पर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जबरन निर्माण कराया जा रहा था। विरोध करते हुए परिवार की महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कराया गया तो पूरा परिवार खुद को आग लगा लेगा। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आत्मदाह की चेतावनी और बढ़ते तनाव के बीच राजस्व विभाग और पुलिस टीम को बैकफुट पर आकर मौके से लौटना पड़ा। पूरे मामले में जब नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र श्रीवास्तव से मीडिया ने पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा “अभी क्या बताऊं।” इसके बाद उन्होंने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया।
इधर खिजिरपुर चौकी इंचार्ज राजेश सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग की मांग पर थाना करंडा से उपनिरीक्षक अखिलेश यादव, महिला कांस्टेबल समेत पुलिस फोर्स मौके पर भेजी गई थी।
इस मौके पर राजस्व निरीक्षक रविन्द्र गुप्ता, हल्का लेखपाल कुलदीप दूबे, लेखपाल प्रदीप यादव, हरिकेश कुशवाहा, मुकुंद राय, अनिल प्रजापति राजस्व टीम के साथ मौजूद रहे। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कब्जा दिलाने पहुंची पूरी टीम को वापस लौटना पड़ा और नायब तहसीलदार मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। इस पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी सदर के सीयूजी नंबर – 9454417075 पर संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया।

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