गौ माता केवल पशु नहीं, सनातन संस्कृति की आत्मा हैं- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

गाजीपुर। सनातन धर्म की महान परंपरा के संवाहक एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को गाजीपुर जनपद के सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित रामलीला लंका मैदान पहुंचे, जहां संत समाज, विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों तथा श्रद्धालुओं द्वारा उनका भव्य एवं श्रद्धामय स्वागत किया गया। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, जयघोष एवं गौ माता के उद्घोष से भक्तिमय बना रहा। ज्ञातव्य है कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 03 मई 2026 को गोरखपुर से अपनी बहुप्रतीक्षित “गोविष्टि यात्रा” (गो-रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ किया है। इस यात्रा का उद्देश्य देशभर में गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना, गौ माता को “राष्ट्र माता” का सम्मान दिलाना तथा गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु जनमत तैयार करना है। सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने अत्यंत भावुक एवं ओजस्वी स्वर में कहा कि “जिस गौ माता को सनातन संस्कृति में माता का स्थान प्राप्त है, आज उसी गौ माता की हत्या हो रही है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और आस्था की आत्मा है।”उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय जीवन दर्शन का केंद्र रही हैं। वेदों, पुराणों एवं सनातन परंपरा में गौ सेवा को पुण्य और गौ रक्षा को धर्म बताया गया है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में गौ माता सुरक्षित रहती हैं, वहां समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक चेतना का वास होता है। शंकराचार्य जी ने कहा कि केवल मंचों से घोषणाएं करने से गौ रक्षा नहीं होगी, बल्कि इसके लिए ठोस इच्छाशक्ति एवं कठोर कानून की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल वास्तविक रूप से गौ संरक्षण के लिए कार्य करेंगे, वही समाज और संतों के आशीर्वाद के अधिकारी होंगे। अपने संबोधन में उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों के राजनीतिक एवं सामाजिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाताओं को जागरूक होना होगा और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करना होगा जो सनातन मूल्यों एवं गौ संरक्षण के प्रति निष्ठावान हो। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि सनातन चेतना को जागृत करने का आध्यात्मिक अभियान है। यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी और समाज को धर्म, संस्कृति एवं गौ सेवा के महत्व से जोड़ने का कार्य करेगी। सभा के अंत में शंकराचार्य जी ने उपस्थित जनसमूह से गौ सेवा, गौ संरक्षण एवं सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संत समाज, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से श्रद्धेय लक्ष्मीमणी शास्त्री राघवेंद्र पाठक ब्रजभूषण दूबे सुनील राम मुनन यादव अजय कुमार श्रीवास्तव संदीप विश्वकर्मा लुटुर राय दिव्यांशु पांडे ज्ञान प्रकाश सिंह शशांक उपाध्याय रविकांत राय रामनाथ ठाकुर प्रदीप यादव जनक कुशवाहा सरदार यादव अजय कुमार संजय सिंह पारस यादव जितेंद्र यादव ओमप्रकाश यादव देवेंद्र सिंह राजेश उपाध्याय शंभू कुशवाहा आदि सैकड़ो लोगों ने स्वागत किया।



