करंडा थाना के मुकदमे में प्रशान्त सिंह समेत दो अन्य को हाईकोर्ट से राहत

गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशान्त सिंह समेत दो अन्य आवेदकों को राहत दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की पीठ ने मामले को प्रथम दृष्टया विचार योग्य मानते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किया है। साथ ही अगले आदेश तक आवेदकों के खिलाफ संबंधित मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
मामला करंडा थाने में दर्ज केस क्राइम नंबर 123/2025 से संबंधित है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132 और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले से जुड़े आपराधिक केस नंबर 46925/2025 और चार नवंबर 2025 के संज्ञान/समन आदेश को चुनौती देते हुए प्रशान्त सिंह समेत दो अन्य आवेदकों ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत हाईकोर्ट में आवेदन दाखिल किया था।
आवेदकों की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि 28 जून 2025 को दर्ज प्राथमिकी झूठे और निराधार आरोपों के आधार पर तथा आवेदकों को परेशान करने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है। साथ ही धारा 221 बीएनएस के तहत लिए गए संज्ञान को भी चुनौती दी गई। अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया विचार योग्य माना।
हाईकोर्ट ने राज्य की ओर से पेश एजीए को नोटिस स्वीकार करने के साथ ही विपक्षी पक्ष संख्या दो को नोटिस जारी किया। एजीए और विपक्षी पक्ष को तीन सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। मामले को आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश हुआ है।
अदालत के आदेश के अनुसार, अगले आदेश तक उक्त मामले की आगे की कार्यवाही आवेदकों के विरुद्ध स्थगित रहेगी। आदेश आठ सितंबर 2026 को पारित किया गया।




