कुपोषण से 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर कांग्रेस में आक्रोश, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा

जमानिया। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में मलेरिया, खसरा और कुपोषण से 30 मासूम आदिवासी बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव प्रशासन कुंदन खरवार ने किया।
कुन्दन खरवार ने कहा कि बालाघाट में 18 मई से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ था, जो लगातार चार महीनों तक चलता रहा। मध्यप्रदेश सरकार और उसका स्वास्थ्य विभाग इस त्रासदी को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह केवल लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की बात नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन, मान-सम्मान और अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है। कुन्दन खरवार ने बताया कि आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने खुद बालाघाट जाकर पीड़ित परिवारों का दर्द साझा किया और दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने के विरोध में 6 सितंबर से रीवा में अनिश्चितकालीन न्याय सत्याग्रह चलाया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें, बालाघाट में तुरंत हेल्थ इमरजेंसी घोषित की जाए और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस दौरान अरविंद कुमार मौर्य, जीशान जलाली, कमला यादव, मक्खन वर्मा, संजीव शर्मा, प्रवीण खरवार, विनोद कुमार, यूसुफ बशर, विद्याशंकर और कयूम खां सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

