उत्तर प्रदेशगाजीपुरज़मानियाप्रशासनिक

तहसील में अगर आप वाहन लेकर जा रहे हैं तो हो जाएं सतर्क

जमानिया। यदि आप किसी काम से स्थानीय तहसील में मोटरसाइकिल, कार या साइकिल लेकर जा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। तहसील में साइकिल स्टैंड के नाम पर हुई नीलामी के बाद अब ठेकेदार के कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। पूरे तहसील परिसर में कहीं भी वाहन खड़ा करने पर इन कर्मचारियों द्वारा लोगों से जबरन धन वसूली की जा रही है, जिससे आम जनता में भारी रोष है।

इस साइकिल स्टैंड की सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इसका कोई स्पष्ट सीमांकन या निर्धारित जगह नहीं है। इसके अलावा, वसूली के लिए तैनात कर्मचारी किसी एक निश्चित स्थान पर नहीं बैठते हैं। इसके बजाय, वे पूरे तहसील परिसर में घूम-घूम कर वाहनों की तलाश करते हैं और जहां भी कोई वाहन खड़ा दिखता है, वहां पहुंचकर साइकिल पार्किंग शुल्क के नाम पर पैसे मांगने लगते हैं।कर्मचारियों की मनमानी का आलम यह है कि वे वसूली के दौरान किसी वाहन चालक को पार्किंग की पर्ची देते हैं, तो किसी से बिना रसीद दिए ही पैसे वसूल लेते हैं। यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि अधिकृत स्टैंड की सीमा कहां तक है, जिसका अनुचित लाभ उठाकर पूरे परिसर को ही ठेकेदार के कर्मचारियों ने स्टैंड में तब्दील कर दिया है। तहसील में अपने जरूरी कामों से आने वाले लोगों को इस अव्यवस्था के कारण भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार के कर्मचारी केवल साइकिल ही नहीं, बल्कि तहसील में आने-जाने वाली मोटरसाइकिलों और कार चालकों से भी जबरन पैसा वसूल रहे हैं। पैसे देने का विरोध करने पर या पार्किंग की निर्धारित जगह पूछने पर कई बार इन कर्मचारियों द्वारा वाहन चालकों के साथ खुलेआम बदसलूकी की जाती है। कर्मचारियों के इस दुर्व्यवहार और जबरन उगाही के कारण तहसील परिसर में आए दिन लोगों और ठेकेदार के गुर्गों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन की अनदेखी के चलते यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने बताया कि साइकिल स्टैंड की नीलामी हुई है। यदि अवैध धन उगाही और सीमांकन की समस्या है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
फोटो भी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page