
गाजीपुर। करंडा ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान पर कमीशनखोरी का आडियो वायरल आखिरकार ग्राम विकास अधिकारी संतोष कुमार पर भारी पड़ गई। मकसुदनपाह उर्फ महाबलपुर में सीसी सड़क और मानदेय भुगतान के एवज में कमीशन मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद जिला विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सचिव को निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि संतोष कुमार करंडा ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतों मकसुदनपाह, कुचौरा और रामनाथपुर में सचिव के पद पर तैनात थे। उनकी कार्यशैली से नाराज तीनों ग्राम प्रधानों ने करीब चार माह पहले ही सीडीओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उस समय मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इधर मकसुदनपाह में प्रधान बालकरन बिंद लगातार आरोप लगाते रहे कि सचिव की मनमानी के चलते प्रधान मानदेय, पंचायत सहायक भुगतान और सीसी सड़क जैसे विकास कार्य बाधित पड़े हैं। आरोप है कि भुगतान के बदले सचिव खुलेआम कमीशन मांग रहा था। मामला तब गरमा गया जब प्रधान ने ब्लॉक परिसर में सचिव और अपने बीच हुई बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया। ऑडियो में विकास कार्यों के भुगतान के एवज में कमीशन मांगने और भुगतान रोकने को लेकर तीखी नोकझोंक सुनाई पड़ रही है। प्रधान ने यह ऑडियो क्लिप जिला विकास अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग कर दी।
ऑडियो सामने आते ही विकास विभाग में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कुचौरा गांव में वेंडरों के भुगतान में वित्तीय अनियमितता और मकसुदनपाह में सीसी सड़क भुगतान में कमीशनखोरी के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद जिला विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वहीं मामले की विस्तृत जांच के लिए मरदह के खंड विकास अधिकारी कौशतुभ मणि त्रिपाठी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह ने बताया कि कुचौरा में वित्तीय अनियमितता और मकसुदनपाह में कमीशनखोरी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।



