डीएम हुजूर एक नजर इधर भी!सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की बदहाली से मरीज परेशान


जमानियां। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरूईन की बदहाली से क्षेत्र के चालीस गांवों से ज्यादा लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिले इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए गए मगर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों को वह सुविधा नहीं मिल रही है जिसकी उन्हें आवश्यकता है। एक बड़ी आबादी की बात करें तो सरकार की व्यवस्था और उसके तमाम दावों के बीच यह 30 बेड का अस्पताल अपने आप पर आंसू बहाने और मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी है। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की सुबह 8 और 9 के बीच कोई भी जिम्मेदार चिकित्सक उपस्थित नहीं होने के कारण कुर्सी खाली पड़ी रही। मरीज बाहर गेट पर बैठकर डाक्टर का इंतजार करते रहे। लापरवाही का आलम यह है कि कार्यरत चिकित्सक निर्धारित समय को ताक पर रखकर केंद्र पर पहुंचते है और पूछने पर उल्टा सीधा जवाब देने पर उतारू होते है। इसके साथ ही अस्पताल के अधिकांश पंखे, बल्ब खराब हो चुके हैं। अस्पताल में मामूली तकनीकी खराबी के चलते विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है, कभी- कभी आपूर्ति बाधित भी हो जाती है। लेकिन स्वास्थ्य प्रबंधन को इसकी चिंता नहीं है। मरीजों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए विभाग मूक दर्शक बना हुआ है, जबकि मरीज परेशान है। शासन के आदेश पर जिले के उच्चाधिकारी के कुशल निर्देश पर चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो सके लेकिन अभी तक कोई भी चिकित्सक स्वास्थ्य केंद्र का चार्ज नहीं लिया। जिसके चलते पद रिक्त होने के कारण इलाज में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार अस्पताल में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभाग को बार बार निर्देशित कर रही है, मगर स्वास्थ्य विभाग की उदासीन रवैए के कारण स्वास्थ्य समस्याएं मूल कारण बनी हुई है। ग्रामीण विनय सिंह, आलोक सिंह, उपेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह,भोला राजभर आदि लोगों ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूईन की हालत काफी खराब है। निर्माण काल से ही यह अस्पताल वेन्टिलेटर पर पड़ा हुआ है। शासन के तमाम दावे का कोई असर इस अस्पताल पर नहीं दिखाई देता है। डीएम हुजूर की नजरे इनायत हो जाय तो इस अस्पताल का भी काया कल्प हो जायेगा।


