
जमानिया। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत टीबी के मरीजों की समय पर खोज और उनके त्वरित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार को एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत टीम द्वारा कुल 51 संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग और जांच की गई। क्षेत्रवासियों के लिए बेहद राहत की बात यह रही कि जांच में एक भी व्यक्ति टीबी से ग्रसित नहीं पाया गया और सभी 51 सैंपल की रिपोर्ट पूरी तरह से नेगेटिव आई है।
इस जांच अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुस्तैदी से अपनी भूमिका निभाई। शिविर में डॉ. विश्वेश पाण्डेय, सीएचओ रेखा पटेल, अंजली कुमारी, स्टाफ नर्स गुंजन सिंह और लैब टेक्नीशियन सुमित मौर्या ने सक्रिय रूप से उपस्थित रहकर मरीजों के सैंपल लिए और उनकी सेहत की जांच की। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉ. विश्वेश पाण्डेय और उनकी टीम ने उपस्थित लोगों को टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने बताया कि सरकार देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत लगातार गांवों और कस्बों में जाकर मरीजों की खोज की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी को भी दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी हो, रात में बुखार या पसीना आए, अथवा अचानक वजन घटने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा का लाभ उठाना चाहिए।


