परंपरा बनाम विवाद: रामलीला समिति को लेकर आमने-सामने दो पक्ष, प्रशासन ने संभाली कमान


जयप्रकाश गुप्ता के समर्थन में जुटे सैकड़ों लोग, निष्पक्ष जांच और परंपरा कायम रखने की उठी मांग
जमानिया।श्री प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को उस समय और गरमा गया, जब बलुआ घाट स्थित संत रविदास मंदिर परिसर में श्री जयप्रकाश गुप्ता के समर्थन में सैकड़ों लोग जुट गए। समर्थकों ने रामलीला की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समर्थकों ने जयप्रकाश गुप्ता के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए कहा, “जब तक जान रहेगी, तब तक आप ही रामलीला कराइए।” इस दौरान लोगों ने समिति की पुरानी व्यवस्था और परंपरागत संचालन को बनाए रखने की मांग की।
बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व कुछ लोगों द्वारा स्वयं को श्री प्राचीन रामलीला समिति का अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। सोमवार को बैठक की सूचना के बीच दूसरे पक्ष द्वारा रामलीला मंच पर पांच दिवसीय हरिकीर्तन शुरू किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति और गहरा गई।
मामले की सूचना मिलते ही जमानिया कोतवाल योगेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया गया। यहां क्षेत्राधिकारी जमानिया और उपजिलाधिकारी जमानिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता कर उनका पक्ष जाना गया।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक रामलीला मंच पर चल रहे आयोजन के संबंध में किस पक्ष को प्रशासनिक अनुमति प्राप्त है, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
जयप्रकाश गुप्ता के समर्थकों ने प्रशासन से समिति से संबंधित दस्तावेजों, परंपरागत अधिकारों और वैधता की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि व्यक्तिगत विवाद का असर जमानिया की वर्षों पुरानी रामलीला परंपरा पर नहीं पड़ना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है। रामलीला समिति से जुड़े विवाद में अब प्रशासनिक जांच और निर्णय पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।



