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काशीराम कॉलोनी के आसपास बना दिया कूड़ा डंपिंग जोन!

दो-तीन साल से कूड़े के ढेर, दुर्गंध और गंदगी से परेशान लोग पहुंचे एसडीएम के दरबारजमानियां। नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था पर काशीराम आवासीय कॉलोनी के लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि पिछले करीब दो-तीन वर्षों से कॉलोनी के आसपास लगातार कूड़ा डंप किए जाने से आवासीय क्षेत्र की स्थिति बदहाल हो गई है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और उससे उठती दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।कॉलोनीवासियों का कहना है कि नगर पालिका पर शहर की सफाई और कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी है, लेकिन विडंबना यह है कि आवासीय कॉलोनी के आसपास ही कूड़ा जमा होता जा रहा है। लंबे समय से पड़े कचरे के कारण इलाके में गंदगी का साम्राज्य कायम है। लोगों को आशंका है कि इससे मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। समय के साथ कूड़े का ढेर बढ़ता गया और आवासीय क्षेत्र की परेशानी भी गंभीर होती गई। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि घरों और आबादी के आसपास ही कूड़ा डंप किया जाएगा तो स्वच्छता व्यवस्था और साफ-सफाई के दावों का क्या मतलब रह जाता है?
समस्या से आजिज कॉलोनीवासियों ने उपजिलाधिकारी जमानियां को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कॉलोनी के आसपास जमा कूड़े को तत्काल हटवाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब सवाल यह है कि शिकायत के बाद प्रशासन और नगर पालिका आवासीय कॉलोनी को कूड़े के ढेर से निजात दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर मामला केवल शिकायती पत्र और आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार समस्या की ओर जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। समय के साथ कूड़े का ढेर बढ़ता गया और आवासीय क्षेत्र की परेशानी भी गंभीर होती गई। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि घरों और आबादी के आसपास ही कूड़ा डंप किया जाएगा तो स्वच्छता व्यवस्था और साफ-सफाई के दावों का क्या मतलब रह जाता है?
समस्या से आजिज कॉलोनीवासियों ने उपजिलाधिकारी जमानियां को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कॉलोनी के आसपास जमा कूड़े को तत्काल हटवाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब सवाल यह है कि शिकायत के बाद प्रशासन और नगर पालिका आवासीय कॉलोनी को कूड़े के ढेर से निजात दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर मामला केवल शिकायती पत्र और आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा।



