विंध्य एक्सप्रेसवे के मुआवजा दर से किसान असंतुष्ट, एसडीएम के जरिए शासन को भेजा ज्ञापन

जमानिया। विंध्य एक्सप्रेसवे योजना में अधिगृहीत की जा रही जमीनों के मुआवजे और मूल्यांकन को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है। किसानों ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा और अपनी समस्याओं को प्रदेश सरकार तक पहुंचाने की अपील की।
पत्र में किसानों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के तहत उनकी जमीनों का अधिग्रहण तो किया जा रहा है, लेकिन सरकार द्वारा उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। किसानों का कहना है कि न तो अभी तक जमीनों की सही मूल्यांकन सूची बनाई गई है और मुआवजे की दरें भी काफी कम लगाई गई हैं। कम मूल्यांकन दर के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित किसानों ने मांग की है कि उनकी जमीनों का पारदर्शी तरीके से सही मूल्यांकन कराया जाए और उचित दर पर ही बैनामा की प्रक्रिया पूरी की जाए। इस अवसर पर जितेन्द्र पाल‚ भरत सिंह, सुदन सिंह, राजेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, पांचरतन बिन्द, राजदेव सिंह, विक्रमा सिंह, वीरेन्द्र सिंह, अनुज सिंह, सुजीत सिंह, वंशनरायन, रामानुज सिंह, प्रकाश सिंह एवं राधाकृष्ण सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। किसान नेताओं का कहना है कि यदि शासन स्तर से उनकी मांगों पर विचार कर मुआवजे की दरों में सुधार नहीं किया गया, तो वे आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।


