विंध्य एक्सप्रेस-वे: उचित मुआवजे की मांग को लेकर जमानियां के किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी आमरण अनशन की चेतावनी
जमानिया (गाज़ीपुर): विंध्य एक्सप्रेस-वे (लिंक एक्सप्रेस-वे) निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच किसानों का असंतोष गहराता जा रहा है। गाज़ीपुर जिले के तहसील जमानियां अंतर्गत ग्राम अभईपुर, गहरपुरा, रजयावाध और चौधरीपुर के ग्रामीण व काश्तकार अपनी उपजाऊ भूमि के बदले मिल रहे कम मुआवजे को लेकर आक्रोशित हैं। सोमवार को स्थानीय किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी जमानियां को ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजे की मांग किया है।
कृषि दर पर मुआवजे का विरोध
ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि शासन-प्रशासन द्वारा उनकी भूमि का मूल्यांकन सामान्य कृषि दर (सर्किल रेट) के आधार पर किया जा रहा है, जो वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से अत्यंत कम और न्यायसंगत नहीं है। किसानों का कहना है कि यह भूमि केवल कृषि योग्य नहीं है, बल्कि पक्की सड़क, बैंक, अस्पताल और विद्यालयों के समीप होने के कारण इसका वास्तविक उपयोग और मूल्य आवासीय श्रेणी का है।
बाजार मूल्य और कानून के तहत मुआवजे की मांग करते हुए किसानों ने बताया कि अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मुआवजा वर्तमान बाजार दर व आवासीय सर्किल रेट के अनुसार तय किया जाना चाहिए। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत तय बाजार मूल्य का चार गुना (4x) मुआवजा देने की बात कही गई है।
उचित मुआवजा न मिलने पर आंदोलन का ऐलान
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार एवं प्रशासन द्वारा सर्किल रेट संशोधित कर उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तो वे एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। मांगें पूरी न होने पर किसानों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में उग्र आंदोलन करने और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी भी दी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अनिल सिंह, मदन मोहन तिवारी, सुभाष चन्द्र गुप्ता, विन्ध्याचल सिंह, पंकज सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, राम भरोसे गुप्ता, श्रीराम गुप्ता, मनीष कुमार सिंह, प्रेम नारायण सिंह, विनीत तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान शामिल रहे।



