खाद्यान्न की कालाबाजारी में कोटेदार पर मुकदमा दर्ज, 216.74 कुंतल राशन गबन का आरोप
स्टॉक मिलान में खुली पोल, 661 कार्डधारकों के राशन वितरण में मिली अनियमितता; दूसरे कोटेदार की सुपुर्दगी में दिया गया शेष खाद्यान्न
जमानिया (गाजीपुर)। तहसील क्षेत्र के पचोखर गांव में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की औचक जांच में राशन वितरण और स्टॉक के मिलान में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिलने के बाद कोटेदार प्रिंस कुमार पासपान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोटेदार पर 216.74 कुंतल सरकारी खाद्यान्न खुले बाजार में बेचने और पात्र कार्डधारकों को उनके हक के राशन से वंचित करने का आरोप है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी जमानिया राजकुमार ने बताया कि पचोखर स्थित उचित दर विक्रेता की दुकान से अंत्योदय योजना के 25 और पात्र गृहस्थी के 636 समेत कुल 661 राशन कार्डधारक संबद्ध हैं। जांच के दौरान टीम ने ई-पॉस मशीन के आंकड़ों, ऑनलाइन चालान और दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न के भौतिक स्टॉक का मिलान किया। इसमें भारी अंतर पाया गया।
जांच के अनुसार, 41.17 कुंतल गेहूं और 175.57 कुंतल चावल, कुल 216.74 कुंतल खाद्यान्न की अनियमितता सामने आई। आरोप है कि कोटेदार ने अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से सरकारी राशन खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया। वहीं, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 के अभिलेखों की जांच में भी कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा के सापेक्ष काफी कम राशन वितरित किए जाने की पुष्टि हुई।
कार्डधारकों को आगे राशन मिलने में परेशानी न हो, इसके लिए दुकान पर उपलब्ध पांच कुंतल गेहूं और पांच कुंतल चावल को सुरक्षा के दृष्टिगत गांव के ही दूसरे उचित दर विक्रेता सतीश राय की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
आपूर्ति निरीक्षक राजकुमार की तहरीर पर संबंधित कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं में खलबली मची हुई है। वहीं, मामले के सामने आने के बाद कार्डधारकों के हक के राशन की निगरानी और वितरण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।



