
जमानिया। क्षेत्र के राघोपुर गांव स्थित साधन सहकारी समिति ताजपुर मांझा पिछले कई वर्षो से बंद पड़ी है, जिसके कारण क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जिला पंचायत सदस्य बसंत यादव ने बुधवार को उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंप कर बंद समिति को चालू कराने की मांग की है।
जिला पंचायत सदस्य बसंत यादव ने उपजिलाधिकारी को अवगत कराते हुए कहा कि महत्वपूर्ण समिति के बंद होने से ग्राम सभा राघवपुर, कोटिया, जगदीशपुर, ताजपुर मांझा, खिजिरपुर, मथारा, कालनपुर, सैदाबाद, चकिया और कसेरा पोखरा आदि अनेक गांवों के किसानों को खाद मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी स्तर पर खाद न मिलने के कारण मजबूरन किसानों को प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। पिछले नौ महीनों से अधिक समय बीत जाने और किसानों की बार-बार आ रही शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जनप्रतिनिधि बसंत यादव ने उपजिलाधिकारी को आज पुनः पत्रक देकर सचेत किया है कि खरीफ की फसल की बुआई का समय नजदीक आ रहा है और किसानों को खाद की सख्त आवश्यकता है। यदि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब या ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे क्षेत्रीय किसानों को एकजुट कर साधन सहकारी समिति ताजपुर मांझा के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए विवश होंगे। जिस पर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने आश्वासन दिया कि समिति को शुरू कराने को लेकर हर संभव पत्राचार किया जाएगा। इस समस्या को लेकर उनके द्वारा लगातार उच्चाधिकारियों को पत्र देकर समिति को तत्काल चालू कराने की मांग की जाती रही है। इससे पूर्व उनके द्वारा 18 सितंबर 2025 को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गाजीपुर तथा 24 सितंबर 2025 को उपजिलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इन पत्रों के माध्यम से प्रशासन से निवेदन किया गया था कि यदि मुख्य समिति को चालू करना संभव न हो, तो वैकल्पिक रूप से क्रय-विक्रय समिति हेतिमपुर अथवा साधन सहकारी समिति बेटाबर से इसे संबद्ध कर दिया जाए, ताकि किसानों को रबी की फसल (गेहूं) की बुआई से पहले खाद उपलब्ध हो सके।



