30 बेड का अस्पताल,एक डॉक्टर के भरोसे,मरीज परेशान

जमानिया। शासन द्वारा ग्रामीण अंचल के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों की लगत से खोला गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरुइन सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। 30 बेड की क्षमता और करीब 50 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के बावजूद यह अस्पताल राम भरोसे चल रहा है। दांत का डॉक्टर जनरल मेडिसिन की दवाओं को लिख रहा है। सीएससी पर गुरुवार को सिर्फ एक डॉक्टर और पांच स्वास्थ्य कर्मी ही मौजूद मिले जबकि इस स्वास्थ्य केंद्र पर 50 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। जबकि कुछ दिन पूर्व एसीएमओ के औचक निरीक्षण में करीब एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीण अभिषेकसिंह‚ गोपाल‚ अमरनाथ‚ गणेश गुप्ता‚ शंभु बनवासी‚ रोशन राजभर आदि का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूइन में कहने को तो आठ डॉक्टरों समेत लगभग 50 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। लेकिन धरातल पर मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सीएससी पर कस्बा बाजार‚ हेतिमपुर‚ हमीदपुर‚बडेसर‚ बरूईन‚ गायघाट‚ रायपुर‚ अभईपुर‚ मदनपुरा‚ जमानिया स्टेशन बाजार‚ तलाशपुर‚ नईबजार‚ कंदवा‚ असना‚ जलालपुर‚ डेढगांवा‚ महली आदि तीन दर्जनों गांव से अधिक लोग इस सीएससी पर निर्भर है। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की ना मौजूदगी ग्रामीणों के उम्मीद पर पानी फेर रही है। आला अधिकारियों की अनदेखी के चलते पूरा अस्पताल हमेश लगभग खाली पड़ा रहता है और अस्पताल खंडहर में तब्दील होती जा रही है। इस अस्पताल में दांत के इलाज के लिए कोई उपकरण मौजूद नहीं है लेकिन दांत के डॉक्टर की तैनाती है। जो अस्पताल में पहुंचे मरीजों का इलाज करते है।मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि इस अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट‚ खून की जांच से लेकर एक्स-रे मशीन तक की सुविधा उपलब्ध है लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण अस्पताल की हालत बद से बदतर होती जा रही है। अस्पताल में लाखों रुपये के भारी-भरकम बजट आता है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील कुमार से सीयूजी नंबर पर वार्ता करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं मिला।




