जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू
जमानिया। संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना का तीन दिवसीय जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। गंगा घाटों पर सुबह से ही स्नान के लिए व्रती महिलाओं का तांता लगा रहा। जमानिया के विभिन्न गंगा घाट पर स्नान के बाद महिलाओं ने झारखंडेय मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में विधि-विधान से पूजा की।
पर्व के चलते बाजारों में रौनक बढ़ गई। चिचरी का दातुन, सखुआ के दोना-पत्तल, मड़ुआ का आटा, नोनी का साग और बराई दाल की भारी मांग के कारण इनके दाम चढ़े रहे।
महंत प्रेम प्रकाश पांडेय व पुरोहित उद्धव पाण्डेय ने बताया कि शनिवार को माताएं 24 घंटे से अधिक का निर्जला उपवास रखेंगी। शाम छह बजे प्रदोष काल में भगवान जीमूतवाहन की पूजा व कथा श्रवण होगा। रविवार सुबह 7:28 बजे के बाद पारण के साथ महापर्व का समापन होगा। यह व्रत राजा जीमूतवाहन के त्याग और संतान रक्षा का प्रतीक है।


